बकरी पालन ने मालती को बनाया आत्मनिर्भर
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)ऊधम सिंह नगर जनपद के सितारगंज विकासखंड के सुरेन्द्रनगर, शक्तिफार्म की रहने वाली मालती मंडल, शक्ति समूह की सदस्य हैं। यह समूह जय भोले सुरेन्द्रनगर ग्राम संगठन से जुड़ा है और बढ़ते कदम क्लस्टर, शक्तिफार्म के अंतर्गत कार्य करता है। कभी गृहणी और मजदूरी पर निर्भर मालती ने आज बकरी पालन को अपनी आजीविका का मजबूत साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।मालती के सामने आजीविका की चुनौती थी। उनकी आय गृहस्थी और मजदूरी तक सीमित थी। ऐसे समय में आईफ़ैड-वित्तपोषित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना ने उन्हें व्यक्तिगत उद्यम के रूप में बकरी पालन शुरू करने का अवसर दिया। परियोजना के तहत प्रस्तावित गतिविधि की वित्तीय संरचना में मालती का स्वयं का अंश 13,000 रुपये, परियोजना सहयोग 19,500 रुपये तथा बैंक ऋण 32,500 रुपये रहा। जून 2024 में उन्होंने इस उद्यम की शुरुआत की।मालती के उद्यम ने उल्लेखनीय परिणाम दिए, बकरी पालन से अब तक ₹90,000 की आय प्राप्त हुई, जबकि कुल व्यय 25,000 रुपये रहा। इस प्रकार वर्तमान शुद्ध लाभ 65,000 रुपये दर्ज किया गया है। उनके अनुसार अब बकरी पालन से उन्हें औसतन 6,500 से 7,500 रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। बैंक से लिए गए ऋण में से 22,500 रुपये की राशि भी अतिथि तक वापस की जा चुकी थी।इस उद्यम ने मालती के जीवन में सिर्फ आर्थिक बदलाव नहीं किया, बल्कि उन्हें परिवार की आय का मजबूत सहारा और स्वयं की पहचान भी दी है। आज वे अपने काम के लिए स्वयं के नाम से जानी जा रही हैं। मालती बताती हैं कि इस व्यवसाय से उनकी आजीविका में वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
मालती मंडल की कहानी इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही अवसर, वित्तीय सहयोग और उद्यम शुरू करने का मंच मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि अपनी स्वतंत्र पहचान भी बना सकती हैं। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना का सहयोग मालती के लिए केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम साबित हुआ है।





