ऊधम सिंह नगर

नगर निकाय पर अपराधिक कार्य करने के लिए यूजर चार्जेज वसूलने का आरोप


काशीपुर। आरटीआइ और वरिष्ठ अधिकवक्ता नदीम उद्दीन ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के अधिकतर नगर निकाय सोलिड वेस्ट नियम 2026 (पहले नियम 2016) का पालन नहीं करके, शहरों से निकलने वाले कूड़े का सही निस्तारण नहीं कर रहे हैं बल्कि स्वयं प्रदूषण कर रहे हैं। ऐसा करके उनके सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना निषेध अधिनियम 2016 से दण्डनीय अपराधों सहित विभिन्न अपराध भी कर रहें हैं। इन अपराधों को करते हुये बिना समुचित सेवाएं दिए नगर वासियों से यूजर चार्जेज अवैध रूप से वसूला जा रहा हैं। स्थिति तो यह हैं कि काशीपुर सहित विभिन्न नगर निकायों में यूजर चार्जेज में बेतहाशा वृद्धि कर दी है और वह सेवाएं न लेने वालों से भी जर्बदस्ती वसूल किया जा रहा हैैं। नगर निकायों में सोलिड वेस्ट नियम 2026 का शत-प्रतिशत पालन कराने तथा नगर वासियों से अवैध वसूली रूकवाने के अनुरोध के साथ इसकी शिकायत उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजी हैं।
श्री नदीम अपनी शिकायत में उल्लेखित किया हैं कि सोलिड वेस्ट नियमों (2026 पहले 2016) का पालन नगर निकायों द्वारा नहीं किया जा रहा हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण सड़कों पर कूड़ा प्वांइट के रूप में कूड़ा डाला जाना तथा घरों व दुकानों आदि के दरवाजे से नगर निकाय/सुविधा कर्मचारी द्वारा चारों प्रकार का कूड़ा अलग-अलग एकत्र नहीं किया जाना है। विभिन्न नगर निकायों द्वारा जिसे डोर टू डोर सुविधा कहा जा रहा हैं वह चलते फिरते कूड़ेदानों की व्यवस्था है जिसमें कर्मचारी स्वयं घर/प्रतिष्ठान के दरवाजे से न तो कूड़ा लेता है और न ही चारों प्रकार का कूड़ा अलग-अलग ही नियमानुसार एकत्र करता हैं, बल्कि अपने मनमाने समय पर ध्वनि प्रदूषण करते हुये अस्पताल, स्कूलों सहित साइलेंस वाले क्षेत्रों सहित निर्धारित ध्वनि मानकों के अतिरिक्त लाउडस्पीकर बजाते हुये आता हैं। इसमें से प्रयोग की जा रही बड़ी गाड़ियां स्वयं सड़कों पर अवरोध व जाम तथा प्रदूषण का कारण बन रही हैं। इसलिये ऐसी सेवा नियमों में उल्लेखित डोर-टू-डोर कूड़ा कलैक्शन सेवा नहीं हैं। इसके लिये कोई शुल्क भी नहीं वसूला जा सकता है जबकि अधिकतर निकायों द्वारा बिना सेवा दिये जर्बदस्ती यह शुल्क वसूलने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसी वसूली जहां रंगदारी की श्रेणी में आती हैं, वहीं इस उपभोक्ता सेवा में कमी के लिये उपभोक्ता आयोगों की शरण ली जा सकती है। इसके कारण ही शहरी कूड़ा नगर निकायों की आय के साधन के स्थान पर भार बन रहा है तथा नगर वासियों को गंदगी, जल भराव, प्रदूषण तथा कूड़े के पहाड़ झेलने पड़ रहे हैं। नदीम ने बताया कि इससे पूर्व वह काशीपुर नगर निगम में व्यवस्था सुधार के लिये विभिन्न बार नगर आयुक्तों को विस्तृत सुझाव दें चुके है लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुयी है।काशीपुर नगर निगम सहित विभिन्न नगर निकायों में बिना समुचित सेवा दिये ही कूड़ा एकत्रीकरण यूजर चार्जेज में बेतहाशा वृद्धि कर दी है। 29 नवंबर 2025 के उत्तराखंड गजट में प्रकाशित 12 सितम्बर 2025 के बाॅयलाज के अनुसार काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में आवासीय भवनों के निम्न वर्ग के 10 रूपये तथा मध्यम वर्ग के 30 रू. यूजर चार्जेज से बढ़ाकर 50 रुपए. कर दिया गया है। वहीं ठेली पर फेरी लगाकर सब्जी बेचने वालों का शुल्क 10 से बढ़ाकर 100 तथा सब्जी दुकानों का 50 से बढ़ाकर 500 रूपये कर दिया है। मांस मछली विक्रेता, रेस्टोरेंट का शुल्क 300रू. से बढ़ाकर 1500 रू., शराब की दुकानों का 1000 से 3000 रूपये (कैंटीन सहित), होटल लाॅजिग/गेस्ट हाउस का 500 से बढ़ाकर 3000, 5000 (बारात घर सहित), सरकारी कार्यालयों, स्कूल आदि का निःशुल्क से बढ़ाकर 250, प्राइवेट कार्यालयों, स्कूल आदि का 100 से बढ़ाकर 250, बैंकों का 100 से बढ़ाकर 500, क्लीनिक, पैथोलाजी का 500 से बढ़ाकर 1500, वर्कशाॅप का 100 से बढ़ाकर 250, खाद्य पदार्थ बनाकर देने वाली दुकानों का 50 से बढ़ाकर 100 (बेकरी) 1500, (मिठाई की दुकान) 3000 (मिठाई दुकान रेस्टोरेंट सहित) कबाड़ी का 50 से बढ़ाकर 250, गन्ने के जूस विक्रेता का 100 से बढ़ाकर 500, हास्पिटल ( 40 बेड तक) 1000 से बढ़ाकर 5000, हास्पिटल (40 बेड से अधिक) 1500 से बढ़ाकर 5000, बार का 500 से बढ़ाकर 1000 कर दिया गया है।

locnirnay@gmail.com

locnirnay@gmail.com

About Author

You may also like

ऊधम सिंह नगर

यूएस नगर में शपथ नहीं ले पाए 99 ग्राम प्रधान, मायूस

लोक निर्णय,रुद्रपुर: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कड़े मुकाबले में प्रधान तो चुने गए, मगर कोरम पूरा न होने पर 99
ऊधम सिंह नगर

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन बैठक – पेयजल के लिए 636.14 करोड़ स्वीकृत

लोक निर्णय,रुद्रपुर: पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री व सांसद अजय भट्ट ने चार सितंबर को कलक्ट्रेट के सभागार