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पंत विवि में शोध एवं नवाचार को नई दिशा देने को विषय विशेषज्ञों का होगा जमावड़ा


पंतनगर। (लोक निर्णय) गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित मीडिया संवाद के दौरान कुलपति डा. एसके. कश्यप ने विश्वविद्यालय को शोध, नवाचार तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की कार्ययोजना साझा की। 26-27 जून को विश्वविद्यालय में दो-दिवसीय ब्रेन (3.0) (बूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इनोवेशन एंड नेटवर्किंग) सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें विवि के पूर्व छात्र, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।कुलपति ने आज कुलपति सभागार में पत्रकारों को बताया कि विश्वविद्यालय में बहुविषयक शोध को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण एजेंसियों को लगभग 45 शोध परियोजनाएं भेजी गई हैं तथा भविष्य में परिणामोन्मुख शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।जिससे अनुसंधान के प्रत्यक्ष लाभ किसानों और समाज तक पहुंच सकें। विवि कृत्रिम बुद्धिमत्ता बीज उत्पादन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती जैसे उभरते क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके तहत सेंटर ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना की योजना बनाई जा रही है। साथ ही पूर्व छात्रों, उद्योग एवं अन्य संस्थानों के अनुभवी विशेषज्ञों को ‘विजिटिंग एडजंक्ट फैकल्टी’ एवं ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में जोड़कर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। डा. कश्यप ने कहा कि विश्वविद्यालय में पेटेंट, शोध प्रकाशन, अनुसंधान सहयोग, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक विभाग को गुणवत्तापूर्ण शोध परियोजनाएं तैयार कर विभिन्न वित्तपोषण एजेंसियों से संसाधन जुटाने के लिए जप्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक कीट प्रबंधन (आइपीएम) तथा समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन (आइएनएम) को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का खेत स्तर तक प्रभावी प्रसार जरूरी है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से किसानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु व्यावहारिक तकनीकों, मॉडल तथा नवाचार विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शोध, नवाचार और तकनीकी विकास के माध्यम से कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करना तथा किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इस मौके पर निदेशक संचार डा. जेपी जायसवाल, निदेशक संचार डा. अर्पिता शर्मा कांडपाल भी मौजूद थीं।

locnirnay@gmail.com

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