भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का पुरस्कार समारोह संपन्न
रुद्रपुर।(लोक निर्णय)अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा वर्ष 2025 26 जिला ऊधम सिंह नगर का पुरस्कार वितरण गायत्री चेतना केंद्र नंद विहार रुद्रपुर में संपन्न हुआ परीक्षा में इस वर्ष कक्षा 5 से ग्रेजुएशन तक कुल 15000 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे जिसमें तीन विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर
नीलम कौर जीईसी बरहैनी बाजपुर से कक्षा 10 प्रथम सुमित भट्ट नव चेतना पब्लिक स्कूल खटीमा कक्षा 7 द्वितीय, सौरव ,राजकीय प्राथमिक स्कूल खरमासा काशीपुर कक्षा 5 प्रथम तथा जिला स्तर पर कुल 27 विद्यार्थी प्रवीणता में आए जिसमें प्रथम आने वाले कक्षा 5 कि आरुषि केजीएम सीनियर पब्लिक स्कूल नानकमत्ता, कक्षा 6 यशस्वी चौहान नवचेतना पब्लिक स्कूल खटीमा, कक्षा 7 दीपक राजकीय नवीन उ प स्कूल काशीपुर, कक्षा 8 सौरभ श्री गुरु नानक इंटर कॉलेज तपेड़ा ,कक्षा 9 जागृति आर्यन पब्लिक स्कूल रूद्रपुर, कक्षा 10 तुलसी जीआईसी बरहनी बाजपुर ,कक्षा 11 किरण इंडियन पब्लिक स्कूल खटीमा, कक्षा 12 अकछा खान श्री गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज काशीपुर,सुमित राजकीय पीजी कॉलेज सितारगंज,इसी प्रकार पूरे जिले में संख्या बल के अनुसार कुल तीन तहसीलें बनाई गई थी। जिसमें सितारगंज नानकमत्ता एक खटीमा किच्छा रुद्रपुर गदरपुर एक जसपुर काशीपुर बाजपुर एक तहसील में सभी तहसीलों में कक्षा 5 से 12 तक की सभी वर्गों में प्रथम द्वितीय तृतीय मिलकर कुल 72 विद्यार्थी प्रवीणता में रहे जिन्हें माननीय अतिथियों द्वारा आज सम्मानित किया गया ।मुख्य अतिथि व पंतनगर विश्वविद्यालय की सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. धीर सिंह जो गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं। जिन्होंने बच्चों को पुरस्कार देकर उनका उत्साह प्रदान किया।कार्यक्रम की रिपोर्ट जिला संयोजक ऊधम सिंह जिला भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा यशवंत सिंह ने दी। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता मस्तराम शर्मा जिन्होंने मैकाले की शिक्षा पद्धति से लेकर आज तक की शिक्षा पद्धतियां गुरुकुल विद्यालयों की के बारे में बताया ।इस अवसर पर गायत्री परिवार के अशोक छाबड़ा, योगेंद्र सिंह,संतोष मिश्रा,दिग्विजय सिंह, माधवानंद,पंकज कुमार, यशपाल सिंह,ओमवीर सिंह,नमो नारायण शर्मा, सोमपाल, भोला प्रसाद यादव,बीके सिंह, सर्वेंद्र शर्मा, राजेंद्र पाल,श्रद्धा छावड़ा आदि मौजूद थे।





