ऊधम सिंह नगर

सड़कें टूटीं, नालियां जाम, लाइटें बंद: नगर की बदहाली पर उठे सवाल

आकृति राय,लोक निर्णय न्यूज

किच्छा। शहर की बदहाल होती मूलभूत सुविधाओं ने नगरपालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले छह माह से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण शहर की कई सड़कें अंधेरे में डूबी हैं। जिससे सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सबसे अधिक प्रभावित दरऊ चौराहा है, जो अब दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में पहचान बना चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां हर माह दो से चार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।शहर की अन्य व्यवस्था भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं। कई प्रमुख मार्गों की सड़कें टूट-फूट का शिकार हैं, जबकि वार्ड 11 और 12 में क्षतिग्रस्त नालियों के कारण गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है। बरसात के मौसम में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।गरीबों के लिए बनाए गए आवास और रैन बसेरे भी अव्यवस्था की भेंट चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रैन बसेरों और आवासों के सामने मछली बाजार संचालित किया जा रहा है, जबकि कई सरकारी आवास अब भी खाली पड़े हैं और उन पर ताले लटके हुए हैं। इससे सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।वहीं, सफाई व्यवस्था की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। नियमित सफाई और कूड़ा निस्तारण में लापरवाही के कारण कई क्षेत्रों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे लोगों को दैनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।नागरिकों का कहना है कि नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी का अभाव है और जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है।

locnirnay@gmail.com

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