मिलावटी आयुर्वेदिक औषधि कंपनी में छापेमारी, भारी मात्रा में औषधि बरामद
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर आज उपजिलाधिकारी गदरपुर के नेतृत्व में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस विभाग एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दिनेशपुर क्षेत्र में शुगर/मधुमेह की मिलावटी आयुर्वेदिक औषधि तैयार करने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की गई थी। इससे दवा बनाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री परिसर से लगभग 7.5 कुंतल आयुर्वेदिक औषधि तथा करीब 70 हजार रुपये मूल्य की शुगर/मधुमेह उपचार में प्रयुक्त एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन एलोपैथिक दवाओं को आयुर्वेदिक औषधियों में मिलाकर शुगर/मधुमेह की नकली दवा तैयार की जा रही थी। जिससे आमजन के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी एवं ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 33EEC/33E के अंतर्गत बरामद दवाओं के नमूने परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए थे। प्रयोगशाला परीक्षण में दवाओं में मिलावट की पुष्टि होने के बाद संबंधित प्रकरण में कठोर कार्रवाई की गई है। वन विभाग की टीम द्वारा फैक्ट्री परिसर से प्रतिबंधित वन्यजीव के अंग के रूप में हिरण के सात कटे हुए सींग भी बरामद किए गए हैं, जिसके संबंध में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग द्वारा संबंधित आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में आमजन के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली एवं मिलावटी दवाओं का निर्माण और बिक्री एक गंभीर अपराध है। जिसके विरुद्ध प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे मामलों में निरंतर निगरानी रखने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस नकली दवा प्रकरण से संबंधित कोई सूचना, साक्ष्य अथवा शिकायत हो, तो वह उपजिलाधिकारी गदरपुर अथवा संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।





