पेयजल संकट से निपटने को नगर निगम ने कसी कसर
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) भीषण गर्मी के आगाज और शहर में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए महापौर विकास शर्मा ने आज नगर निगम कार्यालय में जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।महापौर विकास शर्मा ने ‘अमृत योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत 750 फीट की गहराई से निकाला जा रहा पानी गुणवत्ता में सर्वश्रेष्ठ और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसे घर-घर पहुंचाने के लिए प्रथम चरण में रमपुरा, संजय नगर खेड़ा और सुभाष कॉलोनी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। महापौर ने कहा कि इन क्षेत्रों के निवासियों को नए पानी के कनेक्शन लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। कनेक्शन का पूरा खर्च नगर निगम वहन करेगा।जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक सोमवार को जल संस्थान के जेई अनिवार्य रूप से नगर निगम कार्यालय में बैठेंगे। जो लोग व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं ले सकते, उनके लिए वार्डों में स्टैंड पोस्ट लगाए जाएं।जिससे उन्हें निशुल्क पानी मिल सके। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर और मांग वाले क्षेत्रों में वाटर टैंकर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, भीषण गर्मी में बेजुबान पशुओं के लिए जगह-जगह पानी के टब रखवाए जाएंगे। महापौर ने बताया कि शहर के शेष 26 वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाने के लिए भारत सरकार ने 196 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया है, जिसका टेंडर जल्द आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘हर घर जल’ को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे, सहायक नगर आयुक्त रणदीप, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. पियूष रंजन, राजू नबियाल, तरूण शर्मा, एसडीओ अन्नु अरोरा, अधिशासी अभियंता राकेश कुमार, सीएमएम मनोज कर्नाटक, जल निगम के एई सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान तरूण शर्मा, पार्षद चिराग कालरा, पार्षद प्रतिनिधि मानवेन्द्र, शुभम पाल आदि मौजूद थे।





