गायन में सुरों का धमाल,ध्रुव, आयुष्मान और उद्यान ने जीता बेस्ट सिंगर का खिताब
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) लोक रचना समिति द्वारा आयोजित स्कूली बच्चों की गायन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में प्रतियोगियों ने अपने सुरों का जादू बिखेरकर जमकर धमाल मचाया। रुद्रपुर के एक होटल में आयोजित सुरों के इस महासंग्राम में कुल 30 मेधावी प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बाद फाइनल में पहुंचे प्रतिभागियों में से तीन अलग-अलग आयु वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं का चयन कर उन्हें आकर्षक ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ऑडिशन में शहर और आसपास के विभिन्न स्कूलों के 110 बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया था। कड़े परीक्षण के बाद सेमीफाइनल के लिए तीन अलग-अलग वर्गों से कुल 30 सर्वश्रेष्ठ मेधावी प्रतिभागियों का चयन किया गया। फाइनल राउंड में बच्चों ने यह दिल तुम बिन कहीं लगता नहींश्, श्तूने ओ रंगीला कैसे जादू किया, हमें तुमसे प्यार कितना, एक राधा एक मीरा, नैनों में बदरा छाए और हमें और जीने की चाहत ना होती जैसे एक से बढ़कर एक सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर हॉल में मौजूद सभी श्रोताओं और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।सीनियर वर्ग से ध्रुव को सर्वश्रेष्ठ गायक यानी बैस्ट सिंगर के खिताब से नवाजा गया। इसी वर्ग में शानदार गायकी का प्रदर्शन कर जय ने दूसरा और साई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग से बैस्ट सिंगर का प्रतिष्ठित खिताब आयुष्मान के नाम रहा, जबकि बेहतरीन गायन के चलते आस्तिक दूसरे स्थान पर और आराध्या तीसरे स्थान पर रहीं। सब जूनियर वर्ग से उद्यान अपनी सुरीली आवाज के दम पर बैस्ट सिंगर चुने गये, जबकि कड़ी टक्कर देते हुए आरव दूसरे स्थान पर और नैन्सी तीसरे स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथियों और विशिष्ट अतिथियों द्वारा आकर्षक चमचमाती ट्रॉफी और कई विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अतिथियों ने विजेताओं को आकर्षक ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम में मुख्य निर्णायक (जज) की महत्वपूर्ण भूमिका में सुजाता नारंग और शैली बंसल मौजूद रहीं। संचालन मोहित बत्रा और भविष्य ढींगरा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।कार्यक्रम के संयोजक केवल कृष्ण बत्रा ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रबुद्ध नागरिकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।





