खाने से बीमार हुए छात्र,बनी जांच समिति पर उठे सवाल
पंतनगर। पंत विवि में खाना खाने से बीमार हुए छात्रों के मामले की आनन फानन जांच समिति तो बना दी गई,मगर विवि में इस पर सवाल उठने लगे हैं कि जिसे समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं पटेल छात्रावास का मुख्य अभिरक्षक और प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता हैं। शायद इस पर समिति बनाते समय नजर नहीं गई।
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक महाविद्यालय के पटेल छात्रावास में करीब 150 से अधिक छात्र रहते हैं बुधवार रात करीब नौ बजे पटेल छात्रावास के छात्रों ने भोजन किया।इसके कुछ घंटे बाद छात्रों को अचानक उल्टी,दस्त जैसी शिकायत होने लगी और स्वास्थ्य खराब होने लगा।इससे छात्रावास में हड़कंप मच गया और विवि प्रशासन भी सक्रिय हो गया।छात्रों का विवि चिकित्सालय में इलाज कराया गया। छात्रावास की मेस के ठेकेदार को हटा दिया गया और फिलहाल दूसरे हॉस्टल में छात्रों को खाने और नाश्ते की व्यवस्था की गई।साथ ही इसकी जांच समिति विवि प्रशासन ने आज प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता/मुख्य छात्रावास अभिरक्षक की अध्यक्षता में गठित कर दी गई।समिति में स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अधिष्ठाता और चिकित्सा प्रभारी भी सदस्य बनाए गए हैं। इसका आदेश विवि के सहायक निदेशक,प्रशासन एवं अनुश्रवण ने जारी किया है। विवि में इस जांच समिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जो पटेल छात्रावास के मुख्य छात्रावास अभिरक्षक हैं,उन्हीं की अध्यक्षता में जांच कराई जा रही है,जबकि इस छात्रावास में छात्रों के खाने आदि की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मुख्य छात्रावास अभिरक्षक की है तो फिर किसकी जांच करेंगे। यह काम तो मुख्य छात्रावास अभिरक्षक का है। यह भी चर्चा है कि समिति में जिन तीन लोगों के नाम हैं,उनमें दो अधिकारी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के हैं। लोगों का कहना है कि जिस मामले की जांच होती है,उसके जिम्मेदार अधिकारी की अध्यक्षता में जांच नहीं होती है।क्योंकि जांच की गुणवत्ता प्रभावित न हो सके। यहां भी जिस हॉस्टल का मामला है,उसकी जांच अन्य महाविद्यालय के अधिकारियों और निदेशकों से कराई जानी चाहिए।जिससे जांच की पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार का सवाल भी नहीं उठाया जा सके। छात्रावास के जो अधिकारी हैं और उन्हीं की अध्यक्षता में जांच कराने पर जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता भी सवाल उठाए जा सकते हैं। हालांकि यह विवि प्रशासन का मामला है।





