अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन के तहत सौ करोड़ से अधिक की तीस परियोजना प्रेषित
पंतनगर।(लोक निर्णय)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को शोध-वरीयता वाला उच्च-अध्ययन संस्थान बनाने के लिए विज्ञानी काफी उत्साहित हैं। भारत सरकार के अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (एएनआरएफ) के अंतर्गत विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सौ करोड़ से अधिक की तीस परियोजना जमा की । इनमें कृषि, पशु चिकित्सा, विज्ञान एवं मानविकी, प्रौद्योगिकी, सामुदायिक विज्ञान एवं मत्स्य विज्ञान की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें अधिकांश परियोजना बहु-विषयक और बहु- संस्थागत हैं जिनमें विज्ञान के अछूते विषयों पर काम करने के लिये भिन्न-भिन्न विषयों के वैज्ञानिकों ने मिल कर परियोजना बनाई है।
उच्च स्तरीय शोधों को प्रोत्साहित करने हेतु भारत सरकार ने प्रधान मन्त्री जी की अध्यक्षता में एएनआरएफ का गठन किया हैं।जिसके अंतर्गत देश के उच्च स्तरीय शोधों में वर्ष 2028 तक पचास हज़ार करोड़ के निवेश की योजना है । पंतनगर विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ शिवेंद्र कुमार कश्यप ने बताया कि शोध उत्कृष्टता स्थापित करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों में तीस एएनआरएफ परियोजनाओं को प्रेषित किया जाना पंतनगर के वैज्ञानिकों की वैज्ञानिक तत्परता और कुछ बेहतर करने की इच्छाशक्ति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारा सीधा लक्ष्य है कि किसानों और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप हमारे शोध हों और हर वैज्ञानिक 2-3 शोध परियोजना अवश्य प्राप्त करे । उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक प्लानिंग टीम गठित की गयी है,जो पूरे विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के लिये संभावित परियोजनाओं को ढूंढने और फंडिंग संस्थाओं और उद्योगों से संपर्क कर नयी संभावनाओं का पता लगाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में भारत सरकार के विज्ञान और टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा टेक्नोलॉजी इनेबलिंग सेंटर योजना (डीएसटी- टीईसी) भी प्राप्त की गई है, जो प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने इस परियोजना को विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा मौका बताया।





