मजदूरी से सफल उद्यमिता तक का सफर
चम्पावत। (लोक निर्णय) चंपावत के विकासखंड पाटी अंतर्गत भिंगराड़ा गांव की निवासी मीना देवी आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरी हैं।मीना देवी, शीला देवी स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं, जो ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत सहयोग संकुल संघ चौड़ामेहता से जुड़ी हैं।एक समय ऐसा था, जब उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए वे मजदूरी करती थीं, लेकिन सीमित आय के कारण बच्चों की शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन बना हुआ था।उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव तब आया, जब अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास निधि (IFAD) द्वारा वित्त पोषित तथा उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) द्वारा संचालित ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ उनके गांव तक पहुंची। वर्ष 2022 से संचालित इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को रोकना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।परियोजना के तहत आयोजित बैठकों में मीना देवी को लघु उद्यम स्थापना से संबंधित विस्तृत जानकारी और प्रोत्साहन मिला, जिससे उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। परियोजना के सहयोग से उनका चयन मुर्गी पालन व्यवसाय के लिए किया गया।इस उद्यम के लिए कुल 2.50 लाख की कार्ययोजना तैयार की गई।जिसमें 75,000 की अनुदान राशि ग्रामोत्थान परियोजना द्वारा प्रदान की गई। साथ ही 1.25 लाख का बैंक ऋण दिलाने में भी परियोजना टीम ने सहयोग किया, जबकि शेष 50,000 का अंशदान मीना देवी ने स्वयं जुटाया।तकनीकी मार्गदर्शन के तहत उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से युक्त मुर्गी शेड का निर्माण कराया और उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल की मुर्गियों के साथ अपना व्यवसाय शुरू किया। प्रारंभ में 200 मुर्गियों से शुरू हुआ यह उद्यम धीरे-धीरे सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने लगा।आज मीना देवी को इस व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 8,000 से 12,000 तक की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और परिवार की सभी आवश्यकताओं को सहजता से पूरा करने में सक्षम हो गई हैं।मीना देवी कहती हैं कि ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ जैसे प्रयास ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। उनका मानना है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही दिशा और सहयोग मिले, तो वे भी आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।





