ऊधम सिंह नगर कारोबार स्वास्थ्य

सत्रह दिन की ट्रेनिंग ने बदली किस्मत, ‘पशु सखी’ बन मोनिका ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। (लोक निर्णय न्यूज)कहते हैं कि अगर महिलाओं को सही अवसर और प्रशिक्षण मिल जाए तो वे न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल सकती हैं। इस कहावत को सच कर दिखाया है विकासखंड सितारगंज के देवनगर गांव की मोनिका बिस्वास ने। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली साधारण गृहिणी आज “पशु सखी” के रूप में क्षेत्र की पहचान बन चुकी हैं। उनकी बदौलत ग्रामीण पशुपालकों को घर के पास ही पशु स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और खुद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।देवनगर निवासी मोनिका बिस्वास, पत्नी पुनेन्दु बिस्वास, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2023-24 में IFAD-वित्तपोषित ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के तहत उनका चयन पशु सखी के रूप में हुआ। इसके बाद उन्होंने उत्तराखण्ड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (यूएल डी बी), ऋषिकेश में आयोजित A-HELP के 17 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान में सहयोग, पशु बीमा, कठिन प्रसव (डिस्टोसिया) और प्राथमिक उपचार सहित आधुनिक पशुपालन की बारीकियां सीखीं।
प्रशिक्षण के बाद मोनिका ने गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, कठिन प्रसव में सहायता, पशु बीमा और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं देना शुरू किया। आज वह क्षेत्र के पशुपालकों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बन चुकी हैं। उनके प्रयासों से पशुओं का स्वास्थ्य सुधरा है, दुग्ध उत्पादन बढ़ा है और पशुपालकों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक पशुपालन के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ी है।
मेहनत का मिला फल
ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के तहत मोनिका को प्रतिमाह 2,500 रुपये का मानदेय मिलता है। पिछले 36 महीनों में उन्होंने अपने कार्य से 2,24,700 रुपये की आय अर्जित की। करीब 72 हजार रुपये खर्च होने के बाद उन्हें 1,52,700 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। वर्तमान में वह पशु सखी के रूप में हर महीने 4 से 5 हजार रुपये की अतिरिक्त नियमित आय भी अर्जित कर रही हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।

बॉक्स
गांव की महिलाओं को दे रहीं नई राहमोनिका बिस्वास आज केवल एक पशु सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वह महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने, पशुपालन को आजीविका का माध्यम बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित करती हैं। उनकी सफलता ने गांव की कई महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने का नया उत्साह जगाया है।
मोनिका कहती हैं कि ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया। आज वह गर्व के साथ कहती हैं कि पशु सखी बनकर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

बॉक्स
प्रेरणा बनीं मोनिकामोनिका बिस्वास की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत वाहक बन सकती हैं। उनका सफर हजारों महिलाओं के लिए यह संदेश देता है कि मेहनत और लगन से सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।

locnirnay@gmail.com

locnirnay@gmail.com

About Author

You may also like

ऊधम सिंह नगर

यूएस नगर में शपथ नहीं ले पाए 99 ग्राम प्रधान, मायूस

लोक निर्णय,रुद्रपुर: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कड़े मुकाबले में प्रधान तो चुने गए, मगर कोरम पूरा न होने पर 99
ऊधम सिंह नगर

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन बैठक – पेयजल के लिए 636.14 करोड़ स्वीकृत

लोक निर्णय,रुद्रपुर: पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री व सांसद अजय भट्ट ने चार सितंबर को कलक्ट्रेट के सभागार