मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग को एडीएम को सौंपा ज्ञापन
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने असंवैधानिक व मनमाने तरीके के किए गये विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नागरिकों का वोटिंग अधिकार छीनने व तमाम गड़बड़िया करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने व इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाने व वोटिंग अधिकार बहाल करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन रविवार को कलक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को सौंपा।उन्होंने ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सोमवार को स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म 6 में असंवैधानिक बदलाव सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बिना किए गए। इससे पूर्व एक रिपोर्ट में जगजाहिर हो ही चुका था कि किस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य 2 चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों को दरकिनार करते हुए मनचाहे तरीके से एस आई आर करवाया व फॉर्म 6 व 7 की शर्ते तय की गईं। ज्ञानेश कुमार द्वारा 13 करोड़ से अधिक नागरिकों का मताधिकार छीनने का कृत्य असंवैधानिक व देश विरोधी है। इसके लिए ज्ञानेश कुमार पर मुकदमा करके जेल भेजा जाना चाहिए । लेकिन भाजपा सरकार हर तरह से ज्ञानेश कुमार को बचा रही है और देश के तमाम हिस्सों में चल रहे आंदोलन को पुलिस के दम पर कुचल रही है।उन्होंने एसआइआर प्रक्रिया तत्काल रद करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से बर्खास्त कर आपराधिक मुकदमा चलाए जाने, फार्म 6 व फॉर्म 7 में असंवैधानिक रूप से बदलाव करने व मतदाताओं के नाम मनमर्जी से जुड़वाने हेतु रची गई साजिश की जांच करने व इसमें शामिल लोगों को जेल भेजने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के नियम पूर्ववत करने की मांग की।इस मौके पर मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, भाकपा(माले) जिला सचिव ललित मटियाली, सीएसटीयू केंद्रीय सचिव मुकुल, इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कैलाश भट्ट, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविन्द्र कौर, कार्लोस के राजेश सिंह, विजय कुमार, संदीप बजाज, भरत जोशी, मदन लाल, दिनेश कुमार, दीवान सिंह, प्रदीप, हरीश आदि मौजूद थे।





