जैविक खेती पर जोर
रुद्रपुर। (लोक निर्णय,) जिला सभागार में आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने किसानों से कहा कि संतुलित उर्वरक का उपयोग करते हुए खेती करें ताकि मिट्टी उर्वरता बनी रहे। टिकाऊ खेती और बेहतर कल के लिए हम सबकों मिलकर काम करना होगा। खेतों में गोबर व हरी खाद का अधिक से अधिक उपयोग करें ।जिससे मिट्टी उर्वरता बनी है। उन्होंने कहा कि अधिक मात्रा में रसायनिक खाद उपयोग करने से मिट्टी उर्वरता भी खत्म होती है व अनाज व सब्जी के सेवन से स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी यही विजन है कि ऑर्गेनिक खेती को अधिक से अधिक अपनाया जाए ये। ऑर्गेनिक खेती से भी अच्छी फसल प्राप्त होती है और किसी प्रकार का स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव भी नही पड़ता है। किसान भाईयों से कहा कि हमे अपने व मिट्टी स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीकेएस यादव ने बताया कि खेती बचाओ अभियान आज से 30 जून तक जनपद के सभी विकास खण्डों में जन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मिट्टी की जांच कराकर ही उर्वरक व दवाईयों का उपयोग करें ।जिससे आने वाले समय में मिट्टी उर्वरता बनी रहे। खेतो की मिट्टी का परीक्षण कराने से उर्वरक शक्ति का पता चल सकता है। इसलिए किसान भाई खेतों की मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं। इस दौरान पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा रसायनिक उर्वरक व दवाईयों के उपयोग व दुष्प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारियां दी गयी।इस दौरान कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, रेशन के क्षेत्र में जिला स्तर व विकास खण्ड स्तर पर उत्कृष्ठ कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषकों को प्रशस्ती पत्र व अंगवस्त देकर सम्मानित किया गयइस अवसर पर जिला अध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, जिला पंचायत सदस्य सूरज नारायाण, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0. आशुतोष जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश कुमार शर्मा, किसान ठा0 जगदीश सिंह, कमल शर्मा, राधेश्याम शर्मा ,कुवंर सिंह, उमाशंकर, रीना देवी, छोटे सिंह, राजपाल सिंह, प्रांजल त्रिपाठी, ज्ञान सिंह चौहान, उमेश सिंह, हरीश सिंह, शशांक चन्द्र, निदेश सिंह, माया देवी आदि किसान मौजूद थे।





