नन्हीं अमानत ने रचा इतिहास, ढाई साल की उम्र में मिला “राष्ट्रीय अभिलेख पुस्तक” सम्मान
काशीपुर। (लोक निर्णय) कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है और खुद ही लोहा मनवा लेती है।जी हां, ऐसा ही कारनामा काशीपुर की ढाई साल की उम्र में अमानत कौर बाजवा ने किया है,जो बड़ी उपलब्धि हासिल करते “राष्ट्रीय अभिलेख पुस्तक” पुरस्कार प्राप्त किया है। इतनी छोटी उम्र में यह सम्मान मिलने से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अमानत की प्रतिभा और विशेष उपलब्धि को देखते हुए संस्था ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
ऊधम सिंह नगर के ग्राम ढकिया महादेव नगर निवासी हरप्रीत सिंह बाजवा की पुत्री अमानत कौर है।हरप्रीत किसान और व्यवसाई भी है।अमानत की मां का नाम समनीत कौर है।अमानत भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बलकार सिंह की नवासी और सरदार लखविंदर सिंह की पोती भी है।अमानत आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी वर्णमाला ए से ज़ेज्ड तक, हिंदी वर्णमाला,एक से 70 तक की संख्याओं को पहचान लेती है।यहीं नहीं,वह रंगों, आकारों, जानवरों,परिवहन साधनों, शरीर के अंगों,सप्ताह के दिनों,महीनों की भी अच्छी से पहचान लेती है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी कम उम्र में अमानत कौर की सीखने की क्षमता,बहुभाषी ज्ञान और मजबूत संगठनात्मक कौशल अत्यंत दुर्लभ है।अमानत को असाधारण सीखने की क्षमता और बहुमुखी ज्ञान को देखते हुए यह पुरस्कार दिया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष बलकार ने बताया कि अमानत बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी है और उसकी उपलब्धियों ने सभी को गौरवान्वित किया है। अमानत कौर पंजाबी गीत गाने के साथ पंजाबी में प्रार्थनाएं भी पढ़ सकती है।उसे किताबें पढ़ने का काफी शौक है।सम्मान मिलने के बाद लोगों ने अमानत और उसके परिवार को बधाई दी। यह उपलब्धि अन्य बच्चों और अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। लोगों ने अमानत के उज्जवल भविष्य की कामना की।





