मांगों को लेकर गरजे शिक्षक,मांगें पूरी न होने पर घेरेंगे संसद
रुद्रपुर।( लोक निर्णय) पुरानी पेंशन बहाली आदि मांगों को लेकर शिक्षक आज कलक्ट्रेट पर गरजे। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट गेट से जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को सौंपा। उन्होंने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों का चयन तत्कालीन एनसीटीई और राज्य सरकार के निर्धारित नियमों एवं मानकों के तहत हुआ था। ऐसे शिक्षकों पर वर्षों बाद टीईटी की अनिवार्यता थोपना न केवल अनुचित है, बल्कि उनके अधिकारों का भी हनन है। उन्होंने सरकार से नियमों में संशोधन कर आरटीई से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की।
शिक्षकों ने नवीन पेंशन व्यवस्था को कर्मचारी विरोधी बताते हुए इसे समाप्त कर सभी शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि ओपीएस ही कर्मचारियों के बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है।वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विधानसभा और संसद का घेराव भी किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
ज्ञापन में कहा गया कि इन मांगों के समाधान से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक समर्पण एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।ज्ञापन देवे वाले शैलेश कुमार जोशी, गुलाब सिंह सिरोही, ममता यादव, दिनेश सिंह आदि शामिल थे।





