डमरू का मखौल उड़ाने वाली कांग्रेस का होगा राजनीतिक अंतः महापौर
रुद्रपुर।(लोक निर्णय)महापौर विकास शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों के प्रति उनके रवैये की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में त्रिशूल और डमरू जैसे पवित्र प्रतीकों पर राजनीति करना कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। महापौर ने कहा कि हाल ही में जब से रुद्रपुर रिंग रोड को लेकर फैलाए जा रहे झूठ का साक्ष्यों के साथ पर्दाफाश किया गया तब से विपक्षी खेमे में भारी बेचैनी और घबराहट का माहौल है।विकास शर्मा ने कहा कि जिस डमरू का विपक्षी दल मखौल उड़ा रहे हैं, वह वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हो रहे चहुंमुखी विकास की थाप है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की मौजूदा हरकतें विकास की इस थाप के सामने उनकी अपनी बौखलाहट का विलाप मात्र हैं। डमरू की थाप से वही लोग भयभीत हैं जो केवल कठपुतली की तरह राजनीति करना जानते हैं।भारतीय संस्कृति पर कटाक्ष करने को लेकर महापौर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस पार्टी के शीर्ष नेता खुद अपनी छवि और अपरिपक्वता के कारण चर्चा में रहते हों, उनसे भारतीय संस्कृति और आस्था की गहराई समझने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को डमरू और त्रिशूल जैसे प्रतीकों से डर इसलिए लगता है क्योंकि अब देश में तुष्टीकरण की राजनीति का अंत हो गया है। जनता अब केवल विकास और राष्ट्रवाद की विचारधारा पर भरोसा कर रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण समय-समय पर भाजपा के पक्ष में मिल रहा जनसमर्थन है।महापौर ने कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा अब केवल झूठ फैलाना और विकास कार्यों में बाधा डालना रह गया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता पिछले कुछ दिनों से विकास कार्यों को लेकर सफेद झूठ और अफवाहें फैला रहे थे। जब हमने मीडिया के साथ मौके पर जाकर उनके इस झूठ का कच्चा चिट्ठा खोला और जनता के सामने सच्चाई रखी, तब से विपक्षी खेमे में भारी छटपटाहट है। इसी बौखलाहट में वे अब हमारे आराध्य देवों के प्रतीकों को राजनीति में घसीट रहे हैं। जनता भाजपा की विकासपरक सोच और धामी सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस द्वारा बोले गए हर झूठ का जवाब जनता आगामी समय में भी इसी तरह भाजपा के पक्ष में जनादेश देकर देगी।महापौर ने कहा कि कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से ही हमारे देवी-देवताओं और सांस्कृतिक मान-बिंदुओं पर आपत्ति जताने का रहा है। जिस डमरू और त्रिशूल का ये लोग उपहास उड़ा रहे हैं, वही उनकी राजनीति के अंत का कारण बनेगा। विकास शर्मा ने कहा कि रूद्रपुर में जब भव्य त्रिशूल स्थापित किया गया, तब भी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने अनर्गल बयानबाजी की थी और आज जब महादेव के डमरू की बात हो रही है, तो पूरी कांग्रेस विलाप कर रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, मैं कांग्रेस के उन नेताओं को बता देना चाहता हूं कि जब महादेव का डमरू बजेगा, तो उनके युवराज को यहां से भागने का रास्ता नहीं मिलेगा। जिन लोगों को भगवान राम और भगवान शिव के अस्तित्व से हमेशा आपत्ति रही है, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी।उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे राष्ट्रवादी संगठनों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना और भारतीय संस्कृति को नीचा दिखाना कांग्रेस का मूल चरित्र बन चुका है। जनता अब इनकी कठपुतली राजनीति को समझ चुकी है। लोग विकास की सोच रखने वाली भाजपा पर अटूट विश्वास जता रहे हैं, जिससे कांग्रेस का वजूद खतरे में पड़ गया है। महापौर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कांग्रेस के लोग जितना अधिक झूठ बोलेंगे, जनता उतनी ही ताकत से भाजपा के पक्ष में जनादेश देकर उन्हें करारा जवाब देगी। 2027 के चुनाव में यह डमरू की थाप कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।




