गाजीपुर सहित कई जिलों में तूफान संग बारिश और ओले पड़े,किसान मायूस
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश (लोक निर्णय) एक तरह जहां करंडा ब्लॉक के कटरनी गांव में बिटिया की आत्महत्या से गांव शोक में डूबा है। इस घटना से जब माहौल गरमाया तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आइजी वाराणसी और जिलाधिकारी गाजीपुर अनुपम शुक्ल डेरा डाले हैं।वहीं प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी सहित कई जिलों में तूफान के साथ बारिश व ओले पड़े हैं। पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों में ओला वृष्टि, तेज रफ्तार की आंधी के साथ भारी बारिश भी हुई है।करइल क्षेत्र में जोगा मुसाहिब, बेलसड़ी, चांदपुर, रेडमार, मरघुपुर, खरड़िहा, करीमुद्दीनपुर गांवों में पानी से भींगने पर लाखों रुपये का प्याज का नुकसान हो गया। लौवाडीह में बड़े पैमाने पर प्याज की खेती करने वाले किसान राम प्रसाद उर्फ बड़ू राय ने बताया कि कई किसानों के प्याज की खुदाई और कटाई भी हो गई थी, लेकिन अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने देखते ही देखते सब स्वाहा कर दिया। बहुत किसानों के अनाज तो घर पहुंच गए थे, लेकिन भूसा आंधी का शिकार हो गया।इससे पशुओं के लिए काफी दिक्कत हो सकती है। ग्राम प्रधान संजू राय का कहना था कि बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी।गंगा की तलहटी के किसान पिंटू राय, सूरज राय, बबुआ राय आदि ने बताया कि सब्जी की खेती पर बहुत बुरा प्रभाव होगा। इससे सब्जी महंगी होगी। यद्यपि मौसम विभाग ने ओरेंज एलर्ट की सूचना समाचार पत्र के माध्यम से कल ही दे दिया था।जिला पंचायत सदस्य अनिल राय ने बताया कि किसानों का भारी नुकसान हुआ है, इसकी क्षति पूर्ति के लिए शासन से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की जाएगी।क्षेत्रीय चिकित्सक पप्पू राय, टनमन राय ,सलीम अंसारी आदि ने दूरभाष पर बताया कि हीटवेव से राहत तो कुछ मिलेगी, लेकिन पशुओं का ध्यान रखना होगा और आमलोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तूफान की वजह से कई झोपड़ियां और टीन शेड उड़ गए।




