गांव-केंद्रित विकास के मॉडल चम्पावत के लिए बनी मजबूत विकास योजना
चम्पावत। (लोक निर्णय)जनपद प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी नए आज जिला सभागार में जिला योजना समिति की बैठक ली।इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 76 करोड़ 91 लाख 40 हजार की वार्षिक जिला योजना को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।बैठक से पूर्व प्रभारी मंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, कृषि एवं बाल विकास, राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत संचालित पोषण पखवाड़ा की गतिविधियों की भी जानकारी ली। बैठक में 36 विभागों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस वर्ष का बजट पिछले वर्ष के 6857.10 लाख की तुलना में 834.30 लाख अधिक 7691.40 लाख है, जो लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कृषि, उद्यान, सिंचाई, रेशम, लोक निर्माण सहित विभिन्न विभागों द्वारा गत वर्ष किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।प्रभारी मंत्री ने जनपद में जैविक खेती को बढ़ावा देने, सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्थानीय उत्पादों को “हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड” के अंतर्गत विकसित करने के निर्देश दिए।उन्होंने विशेष रूप से लिंगड़ा, बुरांश व जनपद आधारित ऐसे उत्पादों की पहचान कर उनके उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने पर बल दिया।जिन उत्पादों की बाजार में मांग अधिक और उपलब्धता कम होती है, उन्होने कहा ऐसे उत्पाद स्थानीय आर्थिकी को सशक्त बनाने में अत्यंत सहायक होते हैं।उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सिलाई, हस्तशिल्प एवं अन्य लघु उद्योगों को बढ़ावा देने तथा स्वरोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया। पशुपालन को पहाड़ का पारंपरिक एवं सशक्त आजीविका स्रोत बताते हुए उन्होंने जागरूकता बढ़ाने तथा आधुनिक तकनीकों जैसे सेक्स-सॉर्टेड सीमन के उपयोग पर भी बल दिया।इस वर्ष जिला योजना में कृषि विभाग के अंतर्गत जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु तारबाड़ तथा उद्यान विभाग के माध्यम से कीवी उत्पादन, भेषज विभाग के माध्यम से तेजपत्ता, दालचीनी एवं बड़ी इलायची जैसे उत्पादों के लिए विपणन केंद्र स्थापित करने के प्रावधान शामिल किए गए हैं।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि सभी प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नवाचार, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करें, जिससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलें और जनपद की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।76.91 करोड़ की यह जिला योजना चम्पावत के समग्र विकास के लिए तैयार की गई है। जिसमें रोजगार सृजन, कृषि एवं बागवानी, आधारभूत संरचना, पेयजल, सिंचाई तथा महिला समूह आधारित आजीविका पर विशेष ध्यान दिया गया है।





