एप्पल मिशन से चम्पावत में सेब की बागवानी को नई रफ्तार, आधुनिक बागानों में उत्पादकता करीब 41 प्रतिशत बढ़ी
चम्पावत । (लोक निर्णय) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में बागवानी को किसानों की आय वृद्धि और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद चम्पावत की अनुकूल शीतोष्ण एवं पर्वतीय जलवायु का लाभ उठाते हुए एप्पल मिशन के माध्यम से आधुनिक एवं व्यावसायिक सेब बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। मिशन के सकारात्मक परिणाम अब उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के रूप में सामने आ रहे हैं।जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में जनपद में एप्पल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक बागवानी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट ने जानकारी देते हुये मिशन के अंतर्गत अब तक 79 किसानों को लाभान्वित करते हुए 16.84 हेक्टेयर क्षेत्र में अल्ट्रा हाई-डेंसिटी (UHD) नवीन सेब बागान स्थापित किए गए हैं। हाल ही में लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में 41 लाख रूपये की अनुदान राशि भी जारी की गई है।उन्होंने बताया जनपद में पूर्व से लगभग 190 हेक्टेयर क्षेत्र में पारंपरिक सेब बागान हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 360 मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त होता रहा है। इनकी औसत उत्पादकता लगभग 1.89 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर रही है। इसके मुकाबले वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान एप्पल मिशन के तहत विकसित आधुनिक सघन बागानों में उत्पादकता बढ़कर लगभग 2.67 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर पहुंच गई है, जो पारंपरिक बागानों की तुलना में करीब 41 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान में इन नवीन बागानों से लगभग 450 क्विंटल सेब का वार्षिक उत्पादन प्राप्त हो रहा है।जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि आधुनिक बागानों में M-9 एवं M-111 रूटस्टॉक पर तैयार गाला, किंग रोट और ग्रैनी स्मिथ जैसी उन्नत किस्मों को बढ़ावा दिया गया है। कम क्षेत्रफल में अधिक पौधे, वैज्ञानिक प्रबंधन और उन्नत तकनीक के उपयोग से किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।उन्होंने कहा एप्पल मिशन के तहत पंजीकृत किसानों के लिए कुल 270.80 लाख रूपये की अनुदान सहायता का प्रावधान किया गया है। योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं व्यावसायिक सेब उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करने के साथ उनकी आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को उपयुक्त क्षेत्रों में आधुनिक सेब बागवानी का विस्तार करने तथा किसानों को वैज्ञानिक प्रूनिंग, पोषण प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, ग्रेडिंग-पैकिंग एवं बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देकर इसे किसानों के लिए टिकाऊ और लाभकारी आजीविका का मजबूत माध्यम बनाया जाए।





