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आचार्य बालकृष्ण ने प्राकृतिक खेती और किसान समृद्धि के लिए पंत विवि को पतंजलि का सहयोग का दिया प्रस्ताव


पंतनगर। (लोक निर्णय) गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 120वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के दूसरे दिन रविवार को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के कुलपति डा. आचार्य बालकृष्ण ने किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में पंतनगर विश्वविद्यालय के साथ व्यापक सहयोग का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की कृषि को नई दिशा देने के लिए विश्वविद्यालय, सरकार, किसान और उद्योग को मिलकर दीर्घकालिक योजना बनानी होगी।मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कृषि केवल अन्न उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग को कम करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत बीज, वैज्ञानिक तकनीक और प्राकृतिक खेती के समन्वय से उत्पादन में कमी किए बिना गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यवर्धक अन्न का उत्पादन संभव है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि अनुसंधान, उन्नत बीज विकास और किसानों तक तकनीक पहुंचाने में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों, उन्नत बीज एवं रोपण सामग्री के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उत्पादों की सुनिश्चित खरीद की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध होने से कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। उन्होंने आंवला उत्पादन एवं प्रसंस्करण का उदाहरण देते हुए बताया कि बाजार और प्रसंस्करण से जुड़ाव ने किसानों के उत्पाद को नई पहचान और बेहतर मूल्य दिलाया है।कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने आचार्य बालकृष्ण का स्वागत करते हुए कहा कि किसान मेला विश्वविद्यालय के शोध, तकनीक एवं ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय कृषि एवं किसान हित में पतंजलि सहित अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। डा. जितेन्द्र क्वात्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 120वें अखिल भारतीय किसान मेले के बारे में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि मेले में 550 से अधिक स्टालों के माध्यम से किसानों को किसानोपयोगी जानकारी प्रदान की जा रही है, जिसका उपयोग कर किसान अपनी आय में वृद्धि करेंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। डा. संजय चौधरी ने सभी का धन्यवाद प्रस्ताव इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षक, किसान एवं पतंजलि परिवार से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

locnirnay@gmail.com

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