मस्जिद कालोनी व संजय कालोनी पर बेदखली की तलवार,विधायक की चेतावनी
पंतनगर। (लोक निर्णय)पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रही मस्जिद कालोनी और संजय कालोनी के लोगों को नोटिस थमाए जाने से कांग्रेस के किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ भड़क गए। उन्होंने आज दोनों कालोनियों में सभा कर कहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी एवं पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा मस्जिद कॉलोनी और संजय कॉलोनी के निवासियों को जबरन उजाड़ने की साजिश की जा रही है। दशकों से बसे सैकड़ों परिवारों को बिना किसी ठोस पुनर्वास योजना के नोटिस थमाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अमानवीय है।विधायक बेहड़ ने कहा कि “पहले पुनर्वास होगा, उसके बाद ही किसी प्रकार की हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यदि जबरन बुलडोजर चलाया गया तो सबसे पहले बुलडोजर मेरे ऊपर चलेगा।” उन्होंने चेताया कि यदि नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिए गए तो वे एयरपोर्ट अथॉरिटी के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर यहां वर्षों से रह रही महिलाओं और उनके बच्चों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा को “भारतीय उजाड़ो पार्टी” करार देते हुए कहा कि अब उसका असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है।
विधायक ने पूर्व विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पहले लोगों को पक्का करने और उजाड़ने से बचाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब जब संकट खड़ा हुआ है तो वे पूरी तरह नदारद हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह इस विषय पर जवाब नहीं दे सकते तो उन्हें प्रबंधन समिति से इस्तीफा दे देना चाहिए।विधायक तिलक राज बेहड़ ने किच्छा निर्माणधीन एम्स के दौरे पर आए मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात कर एक ज्ञापन देकर कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण से प्रभावित परिवारों के त्वरित पुनर्वास की मांग की। मस्जिद कॉलोनी एवं संजय कॉलोनी के निवासी पिछले 50-60 वर्षों से वहां बसे हुए हैं और अचानक नोटिस दिए जाने से उनके सामने आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जैसे जमरानी बांध के प्रभावितों का खुरपिया फार्म में सुनियोजित पुनर्वास किया जा रहा है। उसी प्रकार इन परिवारों को भी सम्मानजनक तरीके से बसाया जाना चाहिए। विधायक ने मांग की कि किसी भी प्रकार की बेदखली से पहले वैकल्पिक आवास, मूलभूत सुविधाएं और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अन्यथा व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।विधायक ने कहा कि यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि गरीब और आम लोगों के हक और सम्मान की है, और इसके लिए वे हर स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। इस दौरान जनार्दन सिंह सहित काफी लोग मौजूद थे।





