रीप से महिलाओं ने खड़ा किया सफल रेस्टोरेंट उद्यम
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)ऊधम सिंह नगर जनपद के खटीमा विकासखंड के सैंजना गांव की महिलाओं ने यह साबित कर दिखाया है कि जब हुनर को सही अवसर और सहयोग मिलता है, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं। 10 मार्च,2019 को बने स्वयं सहायता समूह आज उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है।
कुछ समय पहले तक समूह से जुड़ी महिलाएं मुख्य रूप से गृहणी एवं मजदूरी पर निर्भर थीं। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीमित आय और रोजगार के अवसर उनके सामने बड़ी चुनौती थे। इसी बीच IFAD-वित्तपोषित ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना ने महिलाओं के सामूहिक उद्यम को नई दिशा देने का अवसर प्रदान किया।मई 2026 में समूह द्वारा रेस्टोरेंट उद्यम की शुरुआत की गई। इस उद्यम की कुल लागत 10 लाख रुपये रही, जिसमें ₹1 लाख समूह का स्वयं का अंश, 6 लाख रुपये ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना का सहयोग तथा 3 लाख रुपये बैंक ऋण शामिल है। परियोजना के सहयोग से महिलाओं को अपने उद्यम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर मिला।आज यह रेस्टोरेंट स्थानीय लोगों के लिए स्वादिष्ट भोजन और बेहतर सेवा का केंद्र बनने के साथ-साथ समूह की महिलाओं के लिए नियमित आय का मजबूत माध्यम बन चुका है। वर्तमान में रेस्टोरेंट से लगभग 55,000 से 60,000 रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है, जिसमें सभी आवश्यक खर्चों के बाद समूह को लगभग 20,000 से 25,000 रुपये प्रतिमाह का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। परियोजना के अभिलेख के अनुसार शुरुआती तीन महीनों में गतिविधि से 2.36 लाख की आय और 98,700 रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया था।इस पहल ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामूहिक उद्यमिता की भावना को भी बढ़ाया है। रेस्टोरेंट की प्रगति को देखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शाशनी ने भी समय-समय पर भ्रमण/निरीक्षण किया। महिलाओं के प्रयासों और उद्यम की सराहना की गई, जिससे समूह की महिलाओं का उत्साह और बढ़ा है।
“यह रेस्टोरेंट सिर्फ भोजन परोसने की जगह नहीं, बल्कि सैंजना की महिलाओं के सपनों, मेहनत और आत्मनिर्भरता की पहचान बन रहा है।”
मिलाम स्वयं सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में महिला उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। आज समूह की महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान देने के साथ-साथ अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना का सहयोग उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर साबित हुआ है।
सैंजना की मिलाम स्वयं सहायता समूह की कहानी यह संदेश देती है कि जब महिलाओं के हुनर को अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिलता है, तो आत्मनिर्भरता केवल सपना नहीं रहती—वह जमीन पर साकार होने वाली एक नई शुरुआत बन जाती है।





