पईपुरा (कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र-खमरिया) में किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
पंतनगर। (लोक निर्णय) गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली), मेरठ द्वारा वित्तपोषित अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना-फ्रिजवाल के अंतर्गत एससीएसपी. ग्राम पईपुरा (खमरिया) में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पशु प्रजनन विभाग के प्राध्यापक एवं पूर्व परियोजना अधिकारी डा. चन्द्र भान सिंह ने किया। डा. चन्द्र भान सिंह ने गोपालकों एवं परियोजना टीम के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए गाय एवं गो-वत्सों की उचित देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आवास व्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक पशुपालन को ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बताया। संचालन परियोजना अधिकारी एवं पशु प्रजनन विभाग के प्राध्यापक डा. बृजेश सिंह ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को परियोजना के उद्देश्यों तथा इससे पशुपालकों को मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही गाभिन बछियों की प्रसवपूर्व एवं प्रसवोपरांत देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां साझा कीं। पशु प्रजनन विभाग के प्राध्यापक डा. एके घोष ने पशुपालकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार तैयार करने की विधियों, नवजात बछियों के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा उन्नत पशुपालन की आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों को बेहतर उत्पादन एवं पशु स्वास्थ्य के लिए वैज्ञानिक विधियों को अपनाने की सलाह दी।कार्यक्रम में कुल 51 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों का पंजीकरण कु. आराधना फुलारा द्वारा किया गया, जबकि सामग्री वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री शिवांशु तिवारी द्वारा किया गया।





