आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती चम्पावत की नारियां: रीप से संवर रहा मां भगवती स्वयं सहायता समूह का भविष्य
चंपावत। (लोक निर्णय) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं न केवल सशक्त हो रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री के ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ के संकल्प को धरातल पर उतारने में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप – ग्रामोत्थान) एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है। चम्पावत के विकासखंड लोहाघाट स्थित ‘माँ भगवती स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक नई और प्रेरणादायक कहानी लिखी है। विकास महिला संकुल संघ से जुड़े इस समूह की छह महिलाओं ने पारंपरिक बंधनों से बाहर निकलकर स्वरोजगार को अपना जरिया बनाया है।धामी के मार्गदर्शन में संचालित रीप परियोजना के विशेष सहयोग से इस समूह ने एक भव्य गारमेंट्स शॉप उद्यम की स्थापना की है। इस व्यवसाय को शुरू करने में कुल 10 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें योजना की सुदृढ़ व्यवस्था के तहत रीप परियोजना द्वारा 6.00 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, परियोजना के समन्वय से 3.00 लाख रुपये का बैंक ऋण सुलभ कराया गया तथा 1.00 लाख रुपये का योगदान समूह की महिलाओं ने स्वयं एकत्र कर अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई।सरकार के इस एकीकृत प्रयास और संबल ने महिलाओं के सपनों को उड़ान देने का काम किया है।आज यह गारमेंट्स शॉप सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और समूह के परिवारों की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार ला रही है। इस व्यवसाय के माध्यम से प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तिकरण को दी जा रही प्राथमिकताओं और रीप जैसी दूरगामी योजनाओं का ही प्रतिफल है कि आज चम्पावत की दुर्गम पहाड़ियों में भी महिलाएं खुद का उद्यम स्थापित कर स्वावलंबन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रही हैं।





