दैनिक जागरण के वरिष्ठ उप संपादक धामी पर जानलेवा हमला,हालत गंभीर
हल्द्वानी। (लोक निर्णय)दैनिक जागरण हल्द्वानी में वरिष्ठ उप संपादक प्रेम सिंह (धामी) पर 20 अप्रैल की रात करीब 10:30 बाजार स्थित महेंद्र शोरूम पास, रामपुर रोड हल्द्वानी में जानलेवा हमला कर दिया गया। जिसमें उनकी आंखों में गंभीर चोटें आईं हैं। आंख की दो बड़ी सर्जरी करानी पड़ीं।इसके बावजूद चिकित्सकों ने अभी तक दृष्टि पूरी तरह सामान्य होने को लेकर कोई निश्चित आश्वासन नहीं दिया है। घटना के बाद अब मामले में गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग भी उठ रही हैं। बताया जाता है कि आरोपित युवक ने बिना किसी ही प्रेम सिंह (धामी) को बातचीत के दौरान जबरन रोक लिया। इस बीच उसने उनका हाथ पकड़कर स्कूटी की चाबी निकाल ली और स्कूटी के आगे खड़े होकर अपने साथियों को मोबाइल पर फोनकर बुलाने लगा। जब प्रेम सिंह उर्फ धामी ने युवक की अभद्रता और जबरन रोकने का विरोध किया तो आरोपित ने उनके चेहरे, विशेषकर बाईं आंख और नाक पर कई घूंसे लगा दिए। हमलावर उन्हें पीट कर अर्धमूर्छित कर दिया और उनका हाथ पकड़कर सड़क पर घसीटता रहा। इस दौरान धामी तेज गति से गुजर रही एक बस की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना के समय स्कूटी पर उनके पीछे बैठे बुजुर्ग ने हमलावर युवक से हाथ जोड़कर बिना कारण मारपीट न करने और हमला रोकने की गुहार लगाई। लोगों के एकत्र होते देख आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
घायल धामी ने 21 अप्रैल को सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण (एमएलसी) कराया गया और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। दी गई। पुलिस ने एक मई को प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच में जुट गई।घायल की हालत बिगड़ने पर 26 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर आंख की आपातकालीन सर्जरी करानी पड़ी। पांच मई को सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी ने आंख की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च केंद्र (हायर सेंटर) रेफर कर दिया। इसके बाद 14 मई को दूसरी जटिल ट्रॉमा सर्जरी भी निजी अस्पताल में करानी पड़ी। घायल ने बताया कि रेफर किए जाने के बाद वह उपचार और सेकेंड ओपिनियन के लिए देश के कई शीर्ष नेत्र संस्थानों और विट्रो-रेटिना विशेषज्ञों से परामर्श लिया। इनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली का आरपी सेंटर, पद्मश्री डॉ. जेएस. तितियाल, डॉ. अग्रवाल आई हॉस्पिटल दिल्ली, श्रॉफ आइ सेंटर कैलाश कॉलोनी नई दिल्ली, एल.वी. प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, भुवनेश्वर, द आई फाउंडेशन चेन्नई तथा शंकर नेत्रालय, तमिलनाडु जैसे प्रमुख संस्थान शामिल रहे। सभी विशेषज्ञों ने आंख की स्थिति को गंभीर बताते हुए दृष्टि बचाने के लिए जटिल विट्रो-रेटिना सर्जरी की तत्काल आवश्यकता बताई। हालांकि दृष्टि कितनी हद तक वापस आ पाएगी, इसे लेकर चिकित्सकों ने स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है। इधर
मामले में पुलिस आरोपित की पहचान कर उससे पूछताछ कर चुकी है। हालांकि अब पीड़ित पक्ष, पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने मामले में गंभीर चोट को देखते हुए कड़ी धाराएं जोड़ने और विवेचना में तेजी लाने की मांग की।पत्रकार संगठनों ने न्याय की मांग करते हुए मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शासन-प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित न्याय नहीं मिला तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
सहकर्मियों का कहना है कि प्रेम सिंह उर्फ धामी हमेशा शांत स्वभाव से पर्दे के पीछे रहकर दूसरों की समस्याओं और मुद्दों को खबरों के माध्यम से समाज तक पहुंचाते रहे, लेकिन इस बार हालात ऐसे बने कि वही खुद दर्द, अस्पताल और न्याय की लड़ाई का हिस्सा बन गए।




