सिलाई सेंटर से कल्पना ने रची आत्मनिर्भरता की नई कहानी
चंपावत।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं का लाभ आज ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
इसी का परिणाम है कि चंपावत जनपद के विकासखंड बाराकोट की कल्पना अधिकारी आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं।अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम के बल पर उन्होंने न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं के लिए भी आजीविका और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त किया है।
कल्पना ने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए प्रारंभ में सिलाई का काम सीखा।इसमें उनके परिवार ने उनका समर्थन किया व उन्होंने गाँव मे अपना सिलाई सेन्टर स्थापित किया। कल्पना अधिकारी एनआरएलएम (NRLM) के अंतर्गत गठित शिव स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और लड़ीधुरा विकास संकुल संघ से भी जुड़ी हुई हैं।उनके इस प्रयास को बल मिला ग्रामोत्थान परियोजना से, जो आईफैड (IFAD) एवं केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित है। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार आधारित गतिविधियों से जोड़ना, पलायन पर रोक लगाना और आर्थिक स्थिति में सुधार करना। कल्पना को मानकों के अनुसार, सिलाई सेंटर खोलने हेतु उन्हें 1,00,000 रुपए का सहयोग मिला।जिसमें 30 हजार की अनुदान राशि, 50 हजार का बैंक ऋण (परियोजना के सहयोग से) तथा 20 हजार का स्वयं का अंशदान शामिल था।
शुरुआती संकोच और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और निरंतर मेहनत व लगन से अपने सपनों को हकीकत का रूप दिया।
आज उनका सिलाई सेंटर गाँव में लोकप्रिय हो चुका है। आस-पास के गांवों से भी महिलाएं अपने कपड़े सिलवाने के लिए उनके पास आती हैं। घर के कामों से समय निकालकर वे स्वरोजगार के माध्यम से प्रतिमाह 5,000 से 6,000 की आय अर्जित कर रही हैं। जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।




