एनसीईआरटी की मिलीं करीब 10 करोड़ की पायरेटेड किताबें, तीन पर केस
रुद्रपुर। एनसीईआरटी की करीब 10 करोड़ रूपये की पायरेटेड यानी नकली किताबें बरामद हुई हैं।इसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।साथ ही तीन लोगों पर कापीराइट उल्लंघन व अन्य धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है।
सूचना पर पुलिस ने रुद्रपुर के ग्राम कीरतपुर में 14 मार्च की रात पहुंचकर गोदाम में भारी मात्रा में किताबें जब्त की।अगले दिन शिक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर किताबों की गुणवत्ता परखी और इसकी सूचना एनसीईआरटी को मोबाइल पर दे दी थी।एनसीईआरटी की टीम सोमवार को पहुंचकर जांच की तो पाया कि असली किताबों की आड़ में नकली प्रतियां तैयार कर बाजार में धड़ल्ले से बेची जा रही थीं। जांच में यह भी पाया गया कि बीआइएस हॉलमार्क की गुणवत्ता के हिसाब से हॉलमार्क नहीं पाया गया, कागज की गुणवत्ता भी खराब पाई गई। एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार ने कोतवाली रुद्रपुर में तहरीर देकर बताया कि गोदाम में बरामद किताबों की छपाई, कागज, बाइंडिंग, कवर डिजाइन, एनसीईआरटी यानी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के मानकों के अनुरूप किताबें नहीं पाई गईं। परिषद का वॉटरमार्क नहीं दिखा,ज्यादातर किताबें निर्धारित मशीनों से प्रिंट नहीं की गई थी, गोदाम भी परिषद से अधिकृत नहीं था।एनसीईआरटी के लोगो का कूटरचित तरीके से जो वाटरमार्क किताबों पर बना पाया गया है,उस पर एन की जगह एसीईआरटी वाटरमार्क पाया गया। टीम के मुताबिक नौ लाख 74 हजार किताबें गोदाम में पाई गई हैं।जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रूपये आंकी गई है। इस फर्जी मामले से सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। दीपक ने तहरीर में गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, संदीप, शाहरुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि इस मामले में आरोपितों के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है।





