पंत विवि में मृतक आश्रितों की नियुक्ति और प्रक्षेत्र सहायकों की पदोन्नति का रास्ता साफ
पंतनगर। (लोक निर्णय) गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर की दो नवंबर को हुई प्रबंध परिषद की बैठक में कर्मचारियों के हितों और विश्वविद्यालय की वित्तीय जरूरतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मृतक आश्रितों की नियुक्ति का रास्ता साफ होने के साथ प्रक्षेत्र सहायकों की संवर्गीय व्यवस्था को मंजूरी दी गई। वहीं, विश्वविद्यालय की बजट मांग और उपलब्ध बजट के बीच के अंतर को दूर करने के लिए अधिक बजट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी गहन मंथन हुआ। कुलपति डॉ. शिवेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक पहली बार प्रशासनिक भवन से बाहर नाहेप भवन में हुई। बैठक की शुरुआत पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इस दौरान पहली बार विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय गान प्रस्तुत किया। कुलपति ने एजेंडे पर चर्चा से पहले विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण भी किया। जिसकी मौजूद लोगों ने तारीफ की।बैठक में विश्वविद्यालय के बजट पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। आवश्यकता के अनुरूप अधिक बजट उपलब्ध कराने और बजट मांग तथा जारी धनराशि के बीच के अंतर को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। एक्रिप-केवीके से संबंधित विषयों के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई और परिषद के सदस्यों ने समाधान के सुझाव दिए।इसके अलावा विश्वविद्यालय के शिक्षकों के डेपुटेशन संबंधी नियमों को मंजूरी दी गई। विद्यार्थियों से फीडबैक लेने की प्रक्रिया अनिवार्य बनाने पर भी सहमति बनी। बैठक में कर्मचारियों की व्यवस्था, वित्तीय जरूरतों और विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों से जुड़े अन्य विषयों पर भी निर्णय लिए गए। बैठक में कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत,किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, जसपुर के पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल, उप कृषि महानिदेशक, शासन के अधिकारियों सहित विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक, निदेशक प्रशासन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





