रीप से बदली हलीमा की जिंदगी, बकरी पालन बना आत्मनिर्भरता
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) ऊधम सिंह नगर के विकासखंड जसपुर के ग्राम हजीरो निवासी हलीमा, पत्नी कासम, आज ग्रामीण महिला सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन की एक प्रेरणादायक मिसाल बन रही हैं। गुलाब स्वयं सहायता समूह की सदस्य एवं दिव्या महिला ग्राम संगठन से जुड़ी हलीमा का जीवन पहले आर्थिक चुनौतियों से भरा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह खेतों में मजदूरी एवं अन्य कार्य करके अपने परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करती थीं। सीमित आय और रोजगार के स्थायी साधन का अभाव उनके लिए बड़ी चुनौती थी।
इसी बीच आईफ़ैड वित्तपोषित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई। परियोजना के अंतर्गत हलीमा का सर्वेक्षण कर उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु अल्ट्रापुअर पैकेज के अंतर्गत बकरी पालन गतिविधि के लिए चयनित किया गया। हिमान्या स्वायत्त सहकारिता, मेघावाला के माध्यम से उन्हें इस गतिविधि से जोड़ा गया तथा उन्होंने अपना स्वरोजगार प्रारंभ किया। इस गतिविधि की कुल लागत 65 हजार रही, जिसमें 35,000 रुपये की परियोजना सहायता तथा 30 हजार रुपये का स्वयं लाभार्थी अंश शामिल था। प्राप्त सहायता से हलीमा ने छह बकरियां खरीदीं और बकरी बाड़ा बनाकर, अपने स्तर पर बकरी पालन का कार्य शुरू किया। इस पहल ने उन्हें मजदूरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का रोजगार स्थापित करने का अवसर प्रदान किया।परियोजना से जुड़ने के बाद हलीमा ने बकरी पालन गतिविधि से कुल 1,75,000 की आय अर्जित की, जबकि इस दौरान कुल व्यय 71,500 रुपये रहा। इस प्रकार उन्हें अब तक 103,000 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, वह इस गतिविधि से प्रत्येक तिमाही में लगभग 15,000 से 18 हजार रुपये तक की बचत कर रही हैं। परियोजना से प्राप्त 35 हजार रुपये की ब्याजमुक्त ऋण राशि की वापसी भी वह कर चुकी हैं।आज हलीमा अपने स्वरोजगार के माध्यम से परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि उचित अवसर, वित्तीय सहयोग और स्वयं की मेहनत से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह बना सकती हैं।





