उत्तराखंड शिक्षा

345 विद्यालयों की भूमि उनके नाम पंजीकृत, “मेरा विद्यालय–मेरी जमीन” अभियान में तेजी

चम्पावत।(लोक निर्णय)जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार जनपद चम्पावत में “मेरा विद्यालय–मेरी जमीन” अभियान के अंतर्गत विद्यालयों की भूमि उनके नाम पंजीकृत किए जाने की कार्रवाई तेजी से संचालित की जा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी शासकीय विद्यालयों की भूमि का विधिवत अभिलेखीकरण कर उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करना तथा भविष्य में विद्यालय परिसरों से संबंधित किसी भी प्रकार के विवाद, अतिक्रमण अथवा प्रशासनिक बाधा को समाप्त करना है।जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा इस महत्वाकांक्षी अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है तथा राजस्व एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके निर्देशन में तहसील स्तर पर विशेष अभियान चलाकर विद्यालयों की भूमि संबंधी अभिलेखों का सत्यापन, दानामा, सीमांकन, नामांतरण तथा पंजीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जा रहा है।जनपद में कुल 648 विद्यालयों की भूमि का पंजीकरण किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें प्राथमिक, जूनियर एवं माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों की श्रेणी में कुल 553 विद्यालयों की भूमि पंजीकरण प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इनमें से अब तक 259 विद्यालयों की भूमि का विधिवत पंजीकरण विद्यालयों के नाम पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 50 विद्यालयों के पंजीकरण हेतु तहसील स्तर पर आवश्यक राजस्व एवं अभिलेखीय कार्रवाई जारी है।
वहीं 215 विद्यालयों के दानामा, अभिलेख सत्यापन एवं अन्य आवश्यक कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया गतिमान है।जिलाधिकारी द्वारा संबंधित तहसीलदारों, उपजिलाधिकारियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इसके साथ ही 30 विद्यालयों के भूमि पंजीकरण हेतु आवश्यक नोटिस तहसील स्तर से जारी किए जा चुके हैं और संबंधित पक्षों से आवश्यक अभिलेख प्राप्त किए जा रहे हैं।माध्यमिक विद्यालयों में भी भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जनपद के कुल 105 माध्यमिक विद्यालयों में से 86 विद्यालयों की भूमि का पंजीकरण उनके नाम पूर्ण किया जा चुका है। 8 विद्यालयों के संबंध में तहसील स्तर पर पंजीकरण की कार्रवाई जारी है, जबकि 2 विद्यालयों के लिए आवश्यक नोटिस निर्गत किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 9 विद्यालयों के भूमि अभिलेखों से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं प्रचलन में हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जा रहा है।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि विद्यालयों की भूमि का विधिवत पंजीकरण होने से भविष्य में विद्यालय परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा शिक्षा से संबंधित आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों की भूमि स्पष्ट रूप से विद्यालयों के नाम दर्ज होने से भवन निर्माण, खेल मैदान, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं अन्य विकास कार्यों के लिए शासन स्तर से मिलने वाली योजनाओं एवं वित्तीय सहायता को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही इससे भविष्य में किसी प्रकार के भूमि विवाद अथवा अतिक्रमण की संभावना भी न्यूनतम होगी।

locnirnay@gmail.com

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