फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) एसटीएफ ने फर्जी लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड सतानंद को गिरफ्तार कर लिया।आरोपित के बैंक खाते से करीब एक करोड़ 70 लाख रुपये बरामद हुए हैं।अब तक एसटीएफ. ने तीन अभियोग पंजीकृत कराकर संलिप्त 09 अभियुक्तों को 14 अवैध शस्त्र जिसमे 02 एटोमैटिक पम्प एक्शन गन, 02 रायफल, 09 पिस्टल तथा 01 रिवालवर, 355 जिन्दा कारतूसों व कई फर्जी कूटरचित लाइसेंस के साथ जेल भेज चुका है।मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की जांच के उपरान्त चार जूनको ऊधम सिंह नगर की काशीपुर कोतवाली में प्राथमिकी पंजीकृत की गई है।इसमें अब तक उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा कुल 14 शस्त्र एवं 355 कारतूस व कई फर्जी शस्त्र लाईसेंस बरामद किये जा चुके हैं। आज मुख्य सरगना/मास्टरमाइन्ड सतानन्द शर्मा पुत्र रामाधर शर्मा निवासी ग्राम-अनावा थाना-पुंवाया जिला-शाहजंहापुर उप्र को थाना रुद्रपुर ऊधम सिंह नगर से गिरफ्तार कर लिया गया।एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सदानंद पूर्व में भी जनपद गाजियाबाद व जनपद शाहजहाँपुर से फर्जी शस्त्र लाईसेंस में भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है,जो एक आदतन अपराधी है। आरोपित सतानन्द शर्मा द्वारा फर्जी व कूटरचित तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार कर धनराशि प्राप्त कर उधम सिंह नगर में बडी संख्या में सौरभ अग्रवाल तथा उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बनवाकर दिए गए हैं इसके द्वारा जो भी व्यक्तियों के लाइसेंस बनवाये गये हैं, उनका जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहांपुर में वहां काम करने वाले संविदाकर्मियों से मिलकर पुराने UIN नम्बर जिनका रिकार्ड जनपद शाहजहाँपुर से गायब हो चुका था उन्हें ऑनलाईन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड़ करा दिया गया है। इस प्रकरण अब तक आरोपित सतानन्द शर्मा द्वारा फर्जी व कूटरचित तरीके से शस्त्र लाईसेंस तैयार कर धनराशि प्राप्त कर जनपद उधम सिंह नगर में बडी संख्या में सौरभ अग्रवाल तथा उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बनवाकर दिए गए हैं। सतानन्द शर्मा द्वारा अपने बैंक खाता संख्या उपरोक्त में सौरभ अग्रवाल,मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल,शुभम अग्रवाल तथा अन्य लोगों से जिनके शस्त्र लाइसेंस बनवाये गये हैं के द्वारा भी धनराशि प्राप्त की गयी है। और भी अनेक लोगों की जानकारी एसटीएफ को हुई है। जिनके फर्जी शस्त्र लाइसेंस सदानंद शर्मा द्वारा बनवाये गये हैं। पूर्व में भी सतानन्द शर्मा फर्जी शस्त्र लाईसेंस बनाने में थाना कविनगर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी थाना पुहाया जनपद शाहजहाँपुर के FIR NO 635/2019 धारा 420,467,468,471 भादवि में नामजद रहा है तथा उपरोक्त अभियोगों में प्रकरण विचाराधीन न्यायालय है। आरोपित सतानन्द के बैंक खाते में अवैध असलहों के कूटरचित लाइसेंस के कारोबार से करीब एक करोड सत्तर लाख की धनराशि प्राप्त हुई है। इसको आज टीम द्वारा रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया है पूछताछ के उपरान्त थाना काशीपुर दाखिल किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक विकास चौधरी,निरीक्षक अरुण कुमार,उनि विपिन चन्द्र जोशी,उनि कृष्ण गोपाल मठपाल, हेड कांस्टेबल रविन्द्र सिंह बिष्ट,महेन्द्र गिरी,कांस्टेबल रवि बोरा,जितेन्द्र कुमार,किशन चन्द्र शर्मा,हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कनवाल (सर्विलांस)थे।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने बताया कि एसटीएफ द्वारा राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच की जा रही है और एसटीएफ द्वारा राज्य में इस सम्बन्ध में विभिन्न जनपदो में 03 अभियोग दर्ज कर संलिप्त 09 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है तथा अब तक 14 अवैध शस्त्र व फर्जी लाइसेंस बरामद किये जा चुके हैं। उक्त के अतिरिक्त राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। एसटीएफ द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो वह तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं, सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।





