कुत्तों के नसबंदी व एंटी रेबीज इंजेक्शन को एमओयू
देहरादून। (लोक निर्णय)सेलाकुई नगर पंचायत ने गली के कुत्तों के लिए पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया|
ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया फाउंडेशन के साथ कुत्तों के नसबंदी एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण कार्यक्रम हेतु एमओयू विकास नगर – एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC ) कार्यक्रम विश्वभर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी एवं मानवीय तरीका माना जाता है। नसबंदी से अनचाहे पिल्लों के जन्म को रोका जा सकता है, साथ ही कुत्तों में आक्रामकता, गर्भाशय संक्रमण, प्रजनन काल के दौरान होने वाली लड़ाइयाँ एवं झुंड व्यवहार में कमी आती है। इसके अतिरिक्त रेबीज टीकाकरण मनुष्यों एवं पशुओं दोनों को इस घातक बीमारी से सुरक्षा प्रदान करता है।यह कार्यक्रम न केवल जनस्वास्थ्य एवं सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि कुत्तों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगा। नसबंदी के माध्यम से बार-बार गर्भधारण, चोट, भूख एवं क्षेत्रीय संघर्षों से होने वाली पीड़ा में कमी आती है। वैज्ञानिक तरीके से कुत्तों की आबादी का प्रबंधन एक स्वस्थ एवं स्थिर सामुदायिक कुत्ता आबादी विकसित करने में सहायक होता है। कार्यक्रम के अंतर्गत कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा, उनकी नसबंदी एवं एंटी रेबीज
टीकाकरण किया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा तथा स्वस्थ होने के पश्चात उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था, जैसा कि कानून मेंप्रावधानित है। “एनिमल बर्थ कंट्रोल केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मनुष्यों और
पशुओं के बीच सुरक्षित एवं संवेदनशील सह-अस्तित्व स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वैज्ञानिक नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम कुत्तों के काटने की घटनाओं एवं रेबीज के खतरे को कम करने में सहायक हैं, साथ ही सड़क पर रहने वाले सामुदायिक कुत्तों के जीवन को बेहतर बनाते हैं। हम सेलाकुई नगर पंचायत द्वारा इस महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदार पहल की सराहना करते हैं।” पशु कल्याण कार्यकर्ता रुबीना नितिन अय्यर का कहना है। यह पहल क्षेत्र में रेबीज नियंत्रण, मानव-पशु संघर्ष में कमी एवं मानवीय शहरी पशु प्रबंधन को
बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।





