बजट में नौकरी पेशा के लिए कुछ नहीं
रुद्रपुर।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश किया। इसे लेकर कहीं पर निराशा तो कहीं बेहतर होने की उम्मीद दिखी। कुछ लोगों का कहना था कि बजट में मध्यम वर्ग खासकर नौकरी पेशा के किए कुछ नहीं दिखा।आयकर स्लैब में राहत न मिलने से लोग नाराज दिखे।कुछ लोग बजट को संतुलित बताया।जब बजट पर लोगों से लोक निर्णय न्यूज ने बात की तो लोगों ने बेबाक अपनी राय जाहिर की।पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष राजीव घई का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया आज का बजट एक संतुलित, संवेदनशील एवं दूरदर्शी बजट है, जो देश के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बजट में पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए नई योजनाओं की शुरुआत की गई है, जिससे देवभूमि उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की घोषणाओं से उत्तराखंड को दीर्घकालीन लाभ अवश्य मिलेगा, क्योंकि राज्य में प्राकृतिक वातावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
बजट में मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेक्सटाइल सेक्टर को प्रोत्साहित करने की योजनाओं से उत्तराखंड के उद्योगपतियों एवं निवेशकों को बड़ा लाभ होगा। इससे राज्य में नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।लगभग 5.68 लाख करोड़ के डिफेंस बजट से जहां राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी, वहीं इससे जुड़ी सहायक इकाइयों एवं रोजगार के अवसरों का लाभ भी राज्यों को मिलेगा। लघु उद्योग भारती उत्तराखंड के उपाध्यक्ष दीपक गोयल का कहना था कि बायोफार्मा सेक्टर में अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जो अनुसंधान और विकास (R&D) पर केंद्रित होगा। नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERs) स्थापित किए जाएंगे और 7 को अपग्रेड किया जाएगा।लेकिन जैसा की फार्मा एमएसएमई अपने लिए ज़रूरी और भारी भरकम टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पर होने वाले खर्च पर राहत की उम्मीद कर रहे थे उस पर अभी इंतज़ार है।व्यापार मंडल रुद्रपुर अध्यक्ष संजय जुनेजा का कहना था कि बजट में व्यापारी, किसान, गरीब, छात्रों, बेरोजगारों सहित सभी तबके को कुछ नहीं मिला है बजट में महंगाई को रोकने का कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है।बजट में इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।इस बजट से न केवल आम आदमी निराश हुआ है बल्कि शेयर बाजार में हाहाकार मच गया है जिससे देश के लाखों करोड़ों रुपए स्वाहा हो गए हैं।





