डीएम बोले:सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
चम्पावत । (लोक निर्णय) सर्वोच्च न्यायालय एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सड़क सुरक्षा संबंधी दिए गए निर्देशों के क्रम में आज कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली।साथ ही उन्होंने जनपद की सड़क सुरक्षा व्यवस्था, मानसून के दौरान मार्गों की स्थिति तथा सड़क निर्माण एवं सुधारीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माणाधीन कलवर्टों का कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा क्रिटिकल जोन को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। एनएच से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमानुसार प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।उन्होंने एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं को मानसून के दौरान मार्गों को हर समय सुचारु रखने के लिए पर्याप्त मशीनरी एवं संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि सड़कों पर पड़े मलबे को कार्यदायी संस्थाएं तत्काल हटाकर उसका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। साथ ही आवश्यक स्थानों पर चेतावनी एवं साइन बोर्ड लगाने, गड्ढों की मरम्मत एवं पैचवर्क, सड़क किनारे झाड़ियों का कटान तथा नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।जिलाधिकारी ने बटनागाड़ क्षेत्र में एआरटीओ को चेतावनी बोर्ड लगाने तथा पुलिस विभाग को बाढ़ चौकी के माध्यम से क्षेत्र की निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआरटीओ एवं पुलिस विभाग को ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर प्रभावी प्रवर्तन एवं चालानी कार्रवाई करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान संचालित करने को कहा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने टिफिनटॉप एवं संतोला क्षेत्र में सड़क सुधारीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। निर्माणाधीन सड़कों की समीक्षा के दौरान उन्होंने आवश्यकता वाले स्थानों पर प्राथमिकता से सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण कराने तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवश्यकतानुसार सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता एवं समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। मानसून के दौरान मार्गों पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।बैठक में डीएफओ ढिनो पुरुषोत्तमन, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग विभोर गुप्ता, एआरटीओ मनोज बगोरिया, पुलिस उपाधीक्षक निहारिका सेमवाल, अधिशासी अभियंता मोहन चंद्र पलड़िया, अधिशासी अभियंता श्री हितेश कांडपाल, अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी आदि मौजूद थे।





