आइआइटी रुड़की ने सतत विनिर्माण एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारियों को सुदृढ़ किया
रुड़की।(लोक निर्णय)नवाचार-आधारित औद्योगिक परिवर्तन और सतत विकास को आगे बढ़ाने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आइआइटी रुड़की) ने NAMTECH और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारियों को और सुदृढ़ किया है।जिससे अनुसंधान, प्रतिभा विकास और उद्योग सहयोग के नए अवसर सृजित हुए हैं।प्रो. केके पंत, निदेशक, आइआइटी रुड़की के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल में प्रो. अंदलीब तारिक, प्रो. अब्सार अहमद काज़मी, प्रो. मनीष मिश्रा और प्रो. कोमल त्रिपाठी शामिल थे।जिन्होंने सतत विकास, उन्नत विनिर्माण, सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और प्रतिभा विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर अकादमिक एवं औद्योगिक नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया।। आइआइटी रुड़की एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) समर्थन से सस्टेनेबल एनर्जी एंड सर्कुलैरिटी हेतु रिसर्च एंड एक्सपीरिएंशियल लर्निंग सेंटर की स्थापना का नेतृत्व कर रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य सतत विनिर्माण और भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त अनुसंधान, कार्यबल विकास तथा उद्योग सहयोग को बढ़ावा देना है।इस पहल को कार्यान्वित करने के लिए, आइआइटी रुड़की और NAMTECH ने 11 मई 2026 को एक मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर प्रो. अंदलीब तारिक (केंद्र समन्वयक) ने प्रो. के.के. पंत (निदेशक, आइआइटी रुड़की), प्रो. विवेक कुमार मलिक (डीन, प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श – SRIC), डॉ. हफीज इब्राहिम हफीजुर रहमान (महानिदेशक एवं सीईओ, NAMTECH) तथा आईआईटी रुड़की की परियोजना टीम के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।यह केंद्र हरित हाइड्रोजन, सर्कुलर इकोनॉमी, ESG एनालिटिक्स, औद्योगिक जल प्रबंधन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा सतत अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु आइआइटी रुड़की की अनुसंधान क्षमता और NAMTECH के अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल का उपयोग करेगा। इसे एक ऐसे मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है जो शिक्षा, उद्योग और नीति-निर्माण को जोड़कर भविष्य के उद्योगों के लिए क्षमताओं का निर्माण करेगा।प्रो. केके पंत, निदेशक, आइआइटी रुड़की ने कहा, “विनिर्माण का भविष्य सतत विकास, उन्नत प्रौद्योगिकियों और कुशल मानव संसाधन द्वारा निर्धारित होगा। आइआइटी रुड़की ऐसी परिवर्तनकारी साझेदारियां विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो अनुसंधान को प्रभाव में बदलें, औद्योगिक नवाचार को गति दें और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं सतत अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में योगदान दें।”इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान डॉ. अरविंद बोधंकर, मुख्य सततता अधिकारी, AM/NS India, तथा प्रो. के.के. पंत, निदेशक, आइआइटी रुड़की द्वारा किया गया।यह साझेदारी उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, सतत विकास, कार्यकारी शिक्षा और उद्योग-केंद्रित अनुसंधान के क्षेत्रों में संयुक्त पहलों के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है, जिसमें इस्पात और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह सहयोग शिक्षा और उद्योग की शक्तियों को एक साथ लाकर प्रौद्योगिकी विकास, कार्यबल परिवर्तन तथा भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा और नेतृत्व निर्माण को गति देगा। NAMTECH इस साझेदारी से उत्पन्न संयुक्त कार्यक्रमों और पहलों के कार्यान्वयन में सहयोगी भूमिका निभाएगा





