श्रमिकों ने मनाया काला दिवस, श्रम कोड्स की प्रतियां फूंकी
रुद्रपुर।(लोक निर्णय)मोदी सरकार द्वारा लाए गए 4 श्रमिक विरोधी कानूनों को आज से लागू करने के विरोध में श्रमिक संगठनों ने श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले मनाया “काला दिवस”, गांधी पार्क में सभा कर श्रम कोड्स की प्रतियां फूंकी। वक्ताओं ने कहा कि ट्रेड यूनियनें लगातार इन श्रम-विरोधी, नियोक्ता-समर्थक श्रम संहिताओं का विरोध करती रही हैं, जिन्हें तथाकथित ‘श्रम सुधार’ और “Ease of Doing Business” के नाम पर लाया गया है। 12 फरवरी की ऐतिहासिक आम हड़ताल के बाद भी केंद्र सरकार इन श्रम संहिताओं को वापस लेने या इस मुद्दे पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ कोई सार्थक बैठक करने से बच रही है। इन संहिताओं के मसौदा तैयार करने के चरण से ही ट्रेड यूनियनों जैसे हितधारकों से कोई परामर्श नहीं किया गया। इतने गंभीर मुद्दे पर, जो देश के कार्यबल के जीवन से जुड़ा है, लंबे समय से भारतीय श्रम सम्मेलन भी नहीं बुलाया गया। यह अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का उल्लंघन है, जिनके प्रति भारत एक राष्ट्र के रूप में प्रतिबद्ध है।उन्होंने सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ठेका श्रमिकों के नियमितीकरण, स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा समाप्त करने, समान काम के लिए समान वेतन, बोनस, ग्रेच्युटी और पेंशन के अधिकार के लिए भी लड़ाई लड़ी है।
सभा के बाद बाटा चौक पर श्रम कोड्स की प्रतियां भी फूंकी गई।सभा को भाकपा( माले) जिला सचिव ललित मटियाली, इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कैलाश भट्ट, दिनेश, सीएसटीयू के धीरज कुमार, बजाज मोटर कर्मकार यूनियन के अध्यक्ष हीरा राठौर, बेलराइज वर्कर्स यूनियन के साहेब सिंह, ऑटोलाइन के जीवन लाल, एडिएंट कर्मकार यूनियन के चंदन गोस्वामी , राने मद्रास एम्प्लाइज यूनियन के राहुल चौहान ने संबोधित किया।
संचालन दिनेश तिवारी ने किया।इस दौरान अमर सिंह, ऐक्टू जिला सचिव अनिता अन्ना, सुब्रत विश्वास, राजीव कुमार, नागेन्द्र यादव, मुनीब यादव आदि मौजूद थे।




