विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की पहलुओं पर चर्चा
चंपावत।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आज जिला सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं, चुनौतियों एवं समाधानात्मक उपायों पर चर्चा की। विद्यार्थियों के मानसिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि चम्पावत में छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से जिला स्तरीय नियंत्रण समिति का गठन किया गया है, जो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी।समिति में जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं।जिलाधिकारी ने स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लोहाघाट के प्राचार्य (नोडल अधिकारी) को निर्देश दिए कि वे जिला स्तर पर संचालित सभी गतिविधियों का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करें। विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के मध्य आपसी सामंजस्य स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं का मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस दिशा में ठोस, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही की जाए। सभी शैक्षणिक संस्थानों में नियमित अंतराल पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जिनमें विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, कार्यशालाएं एवं संवादात्मक सत्र सम्मिलित हों, साथ ही शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान एवं सहयोग प्रदान करने हेतु प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही समस्याओं का समाधान किया जा सके।इसके अतिरिक्त सामाजिक संगठनों एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर सहयोग नेटवर्क विकसित किया जाए। जिसके अंतर्गत तनाव प्रबंधन, योग एवं ध्यान सत्रों का आयोजन किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र-छात्राएं राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ हैं।अतः उनका मानसिक रूप से स्वस्थ, संतुलित एवं सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है और इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह पहल छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त, सकारात्मक एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जनपद के शैक्षणिक परिदृश्य को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।





