डीएम सख्त,केवल कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखे गुणवत्ता
चंपावत।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आज जिला कार्यालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा की।उन्होंने समग्र शिक्षा के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्माण कार्यों के साथ-साथ प्रधानमंत्री पोषण योजना तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने विकासखंडवार स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति और ई-ऑफिस की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अपूर्ण और अप्रारंभ कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। कहा कि विद्यालय परिसरों में कोई भी निर्माण अनियंत्रित ढंग से न हो। भवनों का निर्माण योजनाबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। जिसके विवरण का बोर्ड मौके पर लगा हो और प्रत्येक कार्य का थर्ड पार्टी ऑडिट सुनिश्चित किया जाए।
छात्र सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनपद का कोई भी विद्यालय भवन खतरे की जद में या असुरक्षित नहीं होना चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त भवनों का लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण कर उनके मरम्मत या ध्वस्तीकरण की त्वरित कार्यवाही की जाए। उन्होंने जोर दिया कि निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और इसे केवल कार्यदाई संस्था के भरोसे न छोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार के माध्यम से त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जल संस्थान को निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय में पेयजल संयोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए खनन क्षेत्रों में प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था और असंगठित क्षेत्र के बच्चों को टेंट या टीन शेड के माध्यम से शिक्षित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
नशामुक्त बचपन की दिशा में जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में के पास पीली लाइन बनाने अनिवार्य रूप से ‘एंटी-ड्रग क्लब’ बनाने और उनकी नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएम श्री योजना और समग्र शिक्षा की वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की गई।




