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चंपावत डीएम ने दिए नशा तस्करों पर कार्रवाई के निर्देश

चम्पावत। (लोक निर्णय)जनपद को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आज जिला स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की बैठक में कहा कि “नशा मुक्त भारत” अभियान एवं माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा क्रियान्वित “ड्रग फ्री देवभूमि” के तहत जनपद चंपावत निरंतर कार्यशील है। मुख्यमंत्री की परिकल्पना आदर्श चंपावत को ड्रग फ्री चंपावत बनाए जाने की पर भी कार्य किया जा रहा है।बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार एवं नशे के सेवन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद को नशे के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा समाज कल्याण विभागों को समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किए जाएं।बैठक में पुलिस विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि 14 मई से 17 जून 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 16 अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस अवधि में लगभग 124.49 ग्राम स्मैक, 98 नशीले इंजेक्शन तथा 1200 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए हैं।पुलिस विभाग ने बताया कि युवा कल्याण नशा मुक्ति केंद्र, बनबसा में 30 तथा देवभूमि नशा मुक्ति केंद्र, चम्पावत में 13 नशा प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने नशा मुक्ति केंद्रों की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुनर्वास संबंधी प्रयासों को गति देने के निर्देश दिए।बैठक में अवैध भांग की खेती के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में भांग का विनिष्टीकरण किए जाने के बाद पुनः अवैध खेती पाई जाए, वहां संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाए।युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जिलाधिकारी ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम, संवाद एवं परामर्श सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करना समय की आवश्यकता है। साथ ही हाईवे, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने को कहा।बैठक में बताया गया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना अथवा शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 तथा ‘मानस पोर्टल’ का उपयोग किया जा सकता है। इन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रशासन, विभागों एवं आमजन की सहभागिता समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से जनपद को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य करने का आह्वान किया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.एस. सामंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व अन्य उपस्थित रहे।

locnirnay@gmail.com

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