जानें,प्रदेश के गन्ना किसानों ने क्या रखीं मांगें
काशीपुर।
सहकारी गन्ना विकास समितियों, चीनी मिलों, गन्ना कृषकों एवं समिति / कृषक प्रतिनिधियों के साथ गन्ना पेराई सत्र 2025-26 के लिए राज्य की चीनी मिलों को गन्ना क्षेत्रफल / क्रय केंद्रों के आवंटन के संबंध में गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केन्द्र,प्रेक्षागृह में गहन मंथन हुआ। प्रदेश के किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं।उन्होंने चीनी मिलों द्वारा गन्ना ढुलाई की उचित व्यवस्था करने,गन्ना मूल्य का भुगतान समय से
करने, घटतौली पर पूर्ण नियंत्रण करने, क्रय केंद्रों पर तौल बाबू की तैनाती नियमानुसार करने तथा किसानों को कृषि यन्त्र, खाद, बीज, कीटनाशक आदि समय उपलब्ध कराने की मांग की। त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग ने कहा कि जो भी प्रस्ताव किसानों से प्राप्त हुआ है, उन पर विचार विमर्श कर अग्रेत्तर कार्यवाही की जाएगी। किसानो की समस्याओं का हर हाल में समाधान किया जाएगा । कृषि यन्त्र, खाद, बीज, कीटनाशक आदि समय से उपलब्ध कराएंगे जायेंगे। घटतौली पर पूर्ण नियंत्रण लगाया जाएगा। तौल बाबू की तैनाती नियमानुसार की जाएगी। ।केंद्रों पर किसानों के लिए सुविधाएं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना विकास विभाग लगातार किसानों के हित मे कार्य कर रहा है। गन्ना किसान तथा चीनी मिल दोनों के हित एक दूसरे से जुडे हुए है।इसलिए चीनी मिलों को गन्नाविकास के क्षेत्र में प्रमुखता से कार्य किया जाना चाहिए। बैठक में चन्द्र सिंह इमलाल, अपर गन्ना एवंचीनी आयुक्त, हिमानी पाठक, संयुक्त गन्ना एवं चीनी आयुक्त, नीलेश कुमार, प्रचार एवं Minecraft अधिकारी, प्रदेश के सहकारी गन्ना विकास समितियों के चेयरमैन, सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार, ऊधम सिंहनगर, देहरादून सहित बडी संख्या में प्रदेश के प्रगतिशील गन्ना कृषक, एवं प्रदेश के सभी चीनी मिलों केप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





