खुद पर हमले कराने की साजिश का हुआ पर्दाफा
शरुद्रपुर (उधम सिंह नगर): जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना का कोतवाली ट्रांजिट कैम्प पुलिस ने खुलासा करते हुए पार्षद पर हुए हमले के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के सख्त निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में अवैध हथियारों के साथ तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया गया।जबकि पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड सौरभ बेहड़ के साथी इंदर नारंग को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। 21/22 जनवरी की रात थाना ट्रांजिट कैम्प पुलिस टीम शांति व्यवस्था एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सिडकुल रोड, नई बस्ती मोड़ के पास बिना नंबर प्लेट बाइक से आ रहे तीन युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। बाइक फिसलने से गिर गई, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर दबोच लिया।पकड़े गए आरोपित वंश कुमार निवासी घासमंडी, बादशाह, निवासी घासमंडी आदर्श कॉलोनी, रुद्रपुर और दीपक सिंह निवासी नारायण कॉलोनी, ट्रांजिट कैम्प है।तलाशी में इनके पास से दो अवैध तमंचे (12 व 315 बोर),एक जिंदा कारतूस,एक नाजायज चाकू बरामद किए। सभी हथियार चालू हालत में पाए गए। आरोपियों के विरुद्ध धारा 3/4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया। जांच में सामने आया कि हमले की पूरी साजिश सौरभ बेहड़ और इंदर नारंग द्वारा रची गई। पारिवारिक विवाद के चलते सहानुभूति पाने के लिए सौरभ बेहड़ द्वारा खुद पर हमला करवाने की योजना बनाई गई। जिसके बाद उसने इन्दर नारंग को साजिश में शमिल कर उससे हमला कराने का प्लान तैयार करने को कहा।पूछताछ में अभियुक्त इंदर नारंग निवासी आदर्श कॉलोनी, घासमंडी ने बताया कि 18 जनवरी को सौरभ बेहड़ ने उसे अपने घर बुलाया और उन्होंने कहा कि वह पत्नी से चल रहे विवाद के कारण खुद को पिटवाना चाहता है। इंदर नारंग ने वंश और बादशाह को बुलाकर पूरी योजना समझाई, पहचान छुपाने के लिए चेहरा ढकने और बाइक की नंबर प्लेट हटाने को कहा । घटना के समय इंदर नारंग अपनी वैगनार कार से हमलावरों के पीछे-पीछे चल रहा था।भीड़ अधिक होने पर स्थान बदलकर शिव शक्ति पीजी गेट के पास हमला कराया गया। घटना के बाद आरोपियों को भगाने में भी भूमिका निभाई। आरोपितों ने बाइक को धरमपुर,थाना पंतनगर में छिपाई थी। तीनों आरोपियों को वैगनार कार से सुरक्षित उनके इलाके तक छोड़ा गया व बाइक भी बरामद की गई।बढोतरी धारा 61(2)/3(5) बीएनएस पुलिस की सख्ती, कानून का स्पष्ट संदेशपुलिस का कहना है कि यह मामला पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश का है, जिसमें न केवल हमलावर बल्कि स पीड़ित भी शामिल हैं। मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट कहा है कि कानून को गुमराह करने और अवैध हथियारों के सहारे साजिश रचने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”इधर,प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भावनात्मक भूचाल आ गया। जब विधायक तिलकराज बेहड़ को यह जानकारी मिली कि उनके बेटे पर हुआ कथित हमला दरअसल खुद रची गई साजिश थी। सच्चाई सामने आते ही विधायक बेहड़ खुद को संभाल नहीं पाए और मीडिया के सामने रो पड़े।गौरतलब है कि महज दो दिन पहले विधायक बेहड़ ने इस मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे और हमले को साजिश बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन जैसे ही जांच में यह खुलासा हुआ कि हमला खुद उनके बेटे ने ही करवाया था, पूरा मामला पलट गया।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विधायक द्वारा पुलिस पर उठाए गए सवालों की जवाबदेही तय होगी? क्या इस पूरे घटनाक्रम से राजनीतिक विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा?और क्या बेटे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी? यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और प्रशासनिक कार्रवाई—दोनों का केंद्र बना रह सकता है।





