कुमाऊंनी भाषा का बढ़ा गौरव,दीपक की मिला सम्मान
रुद्रपुर। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भाषा को सजीव बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, सोमेश्वर घाटी के दीपक भाकुनी को “कुमाऊंनी भाषा सेवी सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें कुमाऊंनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति प्रसार समिति, कसार देवी अल्मोड़ा द्वारा आयोजित 17वें राष्ट्रीय कुमाऊनी भाषा सम्मेलन के समापन समारोह में दिया गया।दीपक भाकुनी को यह सम्मान कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण और संवर्धन में उनके निरंतर प्रयासों और सक्रिय योगदान के लिए मिला है। वे अपने युवा संगठन ‘उज्याव’ के माध्यम से भाषा के प्रचार-प्रसार में विशेष भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने सोमेश्वर में ‘उज्याव’ के तत्वावधान में कुमाऊंनी भाषा युवा सम्मेलन और सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया। जिसमें युवा पीढ़ी को भाषा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया गया।यह सम्मान कुमाऊंनी भाषा के विकास और उसके प्रति युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायक कदम है, जो स्थानीय संस्कृति की धरोहर को संजोने में महत्वपूर्ण साबित होगा।





