विश्वास की रसोई से समाज सेवा तक: गुणवत्ता, सुरक्षा और सामाजिक सरोकारों पर नेस्ले इंडिया का बड़ा फोकस
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)नेस्ले इंडिया ने एक बार फिर गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी का कहना है कि उसके हर उत्पाद और हर पहल की नींव गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ताओं का विश्वास है।कंपनी की गुणवत्ता नीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें उत्पाद सुरक्षा और पूर्ण अनुपालन, उपभोक्ताओं की पसंद और निरंतरता, जीरो डिफेक्ट और जीरो वेस्ट तथा सभी कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी शामिल है। इसी रणनीति के जरिए कंपनी उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।नेस्ले इंडिया के हेड- कॉरपोरेट अफेयर्स, सस्टेनेबिलिटी और सीएसआर कुंवर हिम्मत सिंह ने कहा कि भारत के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता गहरी और दीर्घकालिक है। कंपनी केवल कारोबार नहीं कर रही, बल्कि लोगों और पर्यावरण में निवेश करते हुए समुदायों के साथ मजबूत और टिकाऊ साझेदारी विकसित कर रही है। गुणवत्ता और सुरक्षा ऐसी प्राथमिकताएं हैं, जिनसे किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। यही सिद्धांत कंपनी के हर फैसले और हर उत्पाद को दिशा देते हैं।
नेस्ले इंडिया का सबसे लोकप्रिय ब्रांड मैगी भारत में नूडल्स का पर्याय बन चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 5.7 अरब से अधिक मैगी सर्व्स बेचे, जो उपभोक्ताओं के भरोसे और लोकप्रियता को दर्शाता है।मैगी की इस सफलता के पीछे गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान, नवाचार आधारित मार्केटिंग रणनीतियां और उपभोक्ताओं की पसंद की गहरी समझ को अहम माना जा रहा है। पंतनगर स्थित करीब 25 एकड़ में फैली अत्याधुनिक फैक्ट्री में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और सख्त सुरक्षा मानकों के तहत इसका उत्पादन किया जाता है।नेस्ले इंडिया सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रही है। कंपनी के ‘नेस्ले हेल्दी किड्स प्रोग्राम’ से उत्तराखंड में लगभग 15 हजार किशोर और 300 अभिभावक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं।राज्य के 135 स्कूलों में स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे 37 हजार से अधिक विद्यार्थियों को फायदा मिला है। वहीं, उधम सिंह नगर और नैनीताल के नौ स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं, जिनसे 3,800 से अधिक छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
‘प्रोजेक्ट सर्व सेफ फूड’ के तहत राज्य के सभी 13 जिलों में 4,400 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया गया है।इसके अलावा हाल ही में धराली और उत्तरकाशी में आपदा प्रभावित लोगों के लिए 2,000 ग्रॉसरी किट वितरित किए गए। वहीं, नैनीताल में ‘प्रोजेक्ट हिलदारी’ के माध्यम से ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने का काम भी किया जा रहा है।





