उत्तराखंड खेती/किसानी

चंपावत में किसानों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद

चंपावत। (लोक निर्णय)जिलाधिकारी मनीष कुमार के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद मुख्यालय स्थित गोरलचौड़ मैदान में आज कृषि विभाग द्वारा ‘किसान दिवस’ कार्यक्रम हुआ।मेंमुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से आए प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों ने भारी संख्या में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।अधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा मौके पर ही काश्तकारों की अनेक तकनीकी एवं प्रशासनिक जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान किया।किसान दिवस के संवाद सत्र के दौरान क्षेत्र के काश्तकारों और पशुपालकों, जिनमें पुष्कर दत्त, जगदीश पांडेय, सतीश भट्ट तथा डूंगर देव आदि शामिल रहे। जिन्होंने अपनी पारंपरिक एवं आधुनिक खेती-किसानी, पशुपालन से जुड़े विविध अनुभवों और व्यावहारिक समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा।चौपाल में काश्तकारों द्वारा जंगली जानवरों, विशेषकर सूअर और बंदरों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे भारी नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सुरक्षात्मक योजनाओं के तहत त्वरित सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को उन्नत और वैज्ञानिक कृषि के प्रति जागरूक करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र (के.वी.के.) लोहाघाट की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनी पंत ने महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां साझा कीं। उन्होंने काश्तकारों को उद्यानिकी फसलों के उचित एवं वैज्ञानिक प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक कीटों व विभिन्न रोगों से बचाव के समसामयिक व आधुनिक तौर-तरीकों के प्रति विस्तार से जागरूक किया।केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान के डॉ. पंकज कुमार ने जनपद में ठंडे पानी में होने वाली उच्च मूल्य की ‘ट्राउट मछली’ के संबंध में किसानों को विस्तृत जानकारी प्रदान करी।इसके साथ ही, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. वसुन्धरा गर्ब्याल ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी और स्वरोजगार परक योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने ग्रामीणों को दुधारू पशुओं के उचित रख-रखाव, नस्ल सुधार तथा विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया।दुग्ध संघ चम्पावत के प्रबंधक जीएस राणा ने भी पशुपालकों को डेयरी क्षेत्र की संभावनाओं से अवगत कराते हुए स्थानीय दुग्ध उत्पादन समितियों से जुड़ने का आह्वान किया।समीक्षा और संवाद सत्र के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि काश्तकारों की हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना अनिवार्य है।इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई विमल कुमार सूंठा, जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली, डी.डी.एम. नाबार्ड स्वाति कार्की, ए.आर. को-ऑपरेटिव प्रेम प्रकाश और लीड बैंक मैनेजर अमर ग्वाल सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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