कुलपति का टीमवर्क और संस्कार पर विशेष जोर
पंतनगर। (लोक निर्णय) गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप का गांधी हाल में स्वागत किया गया। कुलपति प्रोफेसर एसके कश्यप ने कृषि विश्वविद्यालय की धरोहर और कार्य संस्कृति को बनाए रखने की बात की।जिससे इसकी पहचान पूर्व की भांति अन्य विश्वविद्यालयों से अलग बनी रहे। हम महान कार्य करने की क्षमता के धनी हैं और आने वाले दिनों में हम नई ऊंचाइयों को छुएंगे। लैंड ग्रांट पैटर्न के तहत, शिक्षण, शोध और विस्तार तीनों अविभाज्य हैं, और इसके साथ हमें समाज की सेवा करनी है और राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारा ध्वज ऊंचा रखना है। कुलपति ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान केवल अनुशासन से नहीं, बल्कि वहां के लोगों के संस्कार, आपसी सम्मान और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता से बनती है। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग एकजुट होकर टीम भावना के साथ कार्य करते हैं, तभी मजबूत वर्क कल्चर विकसित होता है। पारदर्शिता, समयबद्धता, उत्तरदायित्व और सकारात्मक सोच को अपनाना आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने होंगे। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, उन्नत शोध, और आधुनिक तकनीकों के समावेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों की आय वृद्धि, कृषि नवाचार और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विश्वविद्यालय की भूमिका समाज के प्रति और अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के हित में करें। साथ ही शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों से अपेक्षा की कि वे शोध कार्यों को अधिक व्यावहारिक एवं किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाएं। अधिष्ठाता एवं निदेशकों का ध्यान विश्वविद्यालय के हित में अपनी सर्वश्रेष्ठ सेवाएं देने की ओर आकर्षित किया। इसके बाद उन्होंने कृषि संचार विभाग का दौरा किया, जहाँ उन्हें विभाग के संकाय और छात्रों द्वारा सम्मानित किया गया।बैठक में कुलसचिव डॉक्टर दीपा विनय आदि मौजूद थे।



