चंपावत में निर्धारित मार्ग का ही प्रयोग करें श्रद्धालु
चंपावत।ग्रीष्मकालीन मां पूर्णागिरि मेले के सुचारु, सुरक्षित एवं स्वच्छ आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी ने अभी भण्डारा संचालकों, दुकानदारों, होटल एवं धर्मशाला स्वामियों तथा श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।मेले की गरिमा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं धाम की पवित्रता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।मेला मजिस्ट्रेट ने निर्देशित किया कि ग्रीष्मकाल में आग लगने की संभावनाओं को देखते हुए प्रत्येक भण्डारे एवं दुकान में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मां पूर्णा गिरि धाम की धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए भण्डारों में प्याज एवं लहसुन का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा श्रद्धालुओं को केवल सात्विक भोजन ही प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। सभी भण्डारा स्वामियों, दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को अपने-अपने परिसर के बाहर कूड़ेदान रखने तथा कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु किसी भी प्रकार के शॉर्टकट मार्ग का प्रयोग न करें और केवल निर्धारित मुख्य मार्ग से ही आवागमन करें। चूंकि मंदिर क्षेत्र घने जंगल में स्थित है, जहां वन्यजीवों की उपस्थिति संभावित रहती है, अतः यात्रियों को अकेले न चलकर समूह में यात्रा करने की सलाह दी गई है। साथ ही जंगल क्षेत्र में बीड़ी-सिगरेट का प्रयोग कर उन्हें जलती अवस्था में फेंकने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके।
।यातायात प्रभारी को नियमित निगरानी के माध्यम से यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





