इस बार रहा 21वीं सदी का ड्राई सीजन
पंतनगर। ऊधम सिंह नगर में इस बार जाड़े में बारिश नहीं हुई,जो 21वीं सदी का सूखा सीजन माना जा रहा है।बारिश नहीं होने से न केवल रबी फसल का उत्पादन प्रभावित होगा, बल्कि सिंचाई अधिक होने से लागत बढ़ जाएगी। इसे लेकर पंत विवि के विज्ञानी और किसान चिंतित हैं।
हर साल जाड़े यानी नवंबर से जनवरी के बीच तीन से चार बार हल्की और तेज बारिश हो जाती थी।जिससे ठंड तो बढ़ती ही थी,साथ ही गेहूं, सरसों,चना,मसूर और गन्ने की फसल अच्छी होती थी। सिंचाई भी कम करनी पड़ती थी।जिससे सिंचाई खर्च कम पड़ता था। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार नवंबर,दिसंबर 2012 में बारिश नहीं हुई थी,लेकिन वर्ष,2013 में 18 और 19 जनवरी को बारिश हुई थी। इस बार तो नवंबर,दिसंबर 2025 में और 20 जनवरी,2026 तक बारिश नहीं हुई।ऐसी स्थिति में यह सीजन अब तक सूखा रहा।यह स्थिति पिछले 25 साल में पहली बार दिखी है। इसे लेकर किसान के साथ कृषि विज्ञानी सोच में पड़ गए हैं कि यदि फरवरी तक बारिश नहीं हुई तो उत्पादन और प्रभावित हो सकता है।पंत विवि के मौसम विज्ञानी डाक्टर अजीत सिंह नैन ने बताया कि नवंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक बारिश नहीं हुई है,जो 21वीं सदी का सूखा सीजन रहा। बताया कि गुरुवार को आंशिक बारिश का अनुमान है।





