पंतनगर में होगा देशभर के युवा विचारकों का महाकुंभ
पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (जीबी पंत विश्वविद्यालय) परिसर में जैसे जैसे शीत ऋतु धीरे-धीरे अपने पांव पसारती है, वैसे ही उद्देश्य और संकल्प की एक नई चेतना का उदय होने लगता है। 21वां राष्ट्रीय युवा जागरण महोत्सव – युवा 2026 का शुभारंभ 12 जनवरी से 15 जनवरी तक होने जा रहा है, जो युवा ऊर्जा, सार्थक संवाद और राष्ट्र-निर्माण की साझा दृष्टि को एक मंच पर एकत्र करेगा। 12 जनवरी, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में उनके उस स्थायी दृष्टिकोण को उजागर करता है, जिसमें उन्होंने युवाओं को देश के सशक्त, आत्मनिर्भर और मूल्य-आधारित नागरिकों की नींव माना।इस वर्ष स्वामी आत्मश्रद्धानंद, सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम; चैतराम पवार, पद्मश्री; प्रतीक शर्मा, संस्थापक, ग्रीन्स एंड ग्रेन्स; चावन मेहरा, उपाध्यक्ष, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, इंटेल कॉर्पोरेशन; हार्दिक मेहता, अखिल भारतीय आईटी प्रमुख, विवेकानंद केंद्र; डॉ. राधाकृष्णन पिल्लै, लेखक एवं निदेशक, चाणक्य आन्वीक्षिकी प्रा. लि., सहित अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथि इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे।
विवेकानंद स्वाध्याय मंडल द्वारा आयोजित यूवा समय के साथ स्वामी विवेकानंद के शाश्वत आदर्शों से प्रेरित एक सार्थक मंच के रूप में विकसित हुआ है, जिनका दर्शन चरित्र की दृढ़ता, आत्मविश्वास और समाज-सेवा पर बल देता है। यह महोत्सव युवाओं को एक अधिक प्रगतिशील और समावेशी भविष्य की कल्पना करने और उसे आकार देने के लिए सशक्त बनाता है।21वां राष्ट्रीय युवा सम्मेलन – मंथन का आयोजन 12 से 13 जनवरी तक किया जाएगा, जिसमें आईआईटी कानपुर, आइसीएआर-आइएआरआइ ,आरएलबीसीएयू, झांसी, डुवासू, मथुरा, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय सहित देश के 30 से अधिक विश्वविद्यालयों ने सहभागिता की है और शोध पत्र प्रस्तुतियों के लिए अपनी प्रविष्टियाँ भेजी हैं।यह सम्मेलन “सांस्कृतिक जड़ें और डिजिटल शक्ति: तकनीकी नवाचार के माध्यम से सांस्कृतिक सुदृढ़ीकरण और राष्ट्र-निर्माण हेतु युवाओं का मार्गदर्शन” विषय पर केंद्रित है। डिजिटल युग की चुनौतियों और संभावनाओं के बीच अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र-निर्माण में योगदान देना इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।
यूवा 2026 केवल उत्सव तक सीमित नहीं है—यह आत्ममंथन, उत्तरदायित्व और सचेत कर्म के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है, जो युवाओं को अपनी विरासत को अपनाते हुए एक प्रगतिशील,प्रौद्योगिकी-आधारित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करता है। महोत्सव की शुरुआत प्रातः पांच बजे विश्वविद्यालय स्टेडियम से निकलने वाली युवा रैली से होगी। यह प्रतीकात्मक पदयात्रा उद्देश्य की एकता और सामूहिक जागरण को दर्शाती है तथा आगामी कार्यक्रमों के लिए एक प्रेरणादायी वातावरण स्थापित करती है।इसके पश्चात 14 से 15 जनवरी तक राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिता – उद्भव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के प्रमुख संस्थानों से आए युवा वक्ता अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता और वक्तृत्व कौशल का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष हिंदी और अंग्रेज़ी—दोनों भाषाओं में आयोजित की जाती है, जिससे अभिव्यक्ति समावेशी बनी रहती है।इस वर्ष अपने 19वें संस्करण में प्रवेश करते हुए, दिल्ली विश्वविद्यालय, आइसीएआर–आइएआरआइ नई दिल्ली, एसवीपीयूएटी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनस्थली विद्यापीठ तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सहित लगभग 42 विश्वविद्यालयों ने सहभागिता की है और देश की सबसे प्रतिष्ठित तथा बहुप्रतीक्षित वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में से एक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तत्पर हैं।
वाद-विवाद का विषय “डिजिटल अर्थव्यवस्था भारतीय युवाओं की वास्तविक आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा करने में सक्षम है” युवा मस्तिष्कों में विचार और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित किया गया है।
मुख्य भाषणों, संवादात्मक सत्रों और विचारोत्तेजक चर्चाओं के माध्यम से यूवा 2026 नेतृत्व, सांस्कृतिक चेतना, नवाचार और नैतिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों का अन्वेषण करेगा। इस राष्ट्रीय मंच के उद्घाटन के साथ ही यह महोत्सव एक सशक्त विश्वास की पुनः पुष्टि करता है—
“यूवा 2026 इस बात की स्मृति है कि किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उन युवाओं में निहित होती है, जो निडर होकर सोचते हैं, कर्म करते हैं और ईमानदारी के साथ नेतृत्व करते हैं।”




