पंत विवि के कुलपति की नियुक्ति पर उठाए सवाल!
रुद्रपुर। पंत विवि के कुलपति पद पर नियुक्ति को लेकर शासन स्तर पर प्रकिया चल रही है। इस बीच वसुंधरा गार्डन निवासी भूपेंद्र चौधरी ने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री और उत्तराखंड के राज्यपाल को पत्र भेजकर पंत विवि के कुलपति की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।उन्होंने पत्र में लिखा है कि कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए प्रोफेसर का अनुभव कम से कम 10 वर्ष का होना चाहिए,जबकि पंत विवि के कुलपति ने प्रोफेसर या समकक्ष पद पर केवल आठ वर्ष तीन माह का कार्य किया हैं। चौधरी ने यह भी जिक्र किया है कि बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा उत्तर प्रदेश के निदेशक पद का अनुभव जोड़ते हुए कुलपति ने अनिवार्य अर्हता पूरी करने का दावा किया है। जबकि बकरी अनुसंधान संस्थान नॉन – टीचिंग संस्था है और निदेशक का पद टीचिंग का नहीं,बल्कि प्रबन्धन का पद है जिसे दस वर्ष की प्रोफेसरशिप की अनिवार्य अहर्ता में गिना जाना पूरी तरह ग़लत है। उन्होंने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के यज्ञ भूषण शर्मा बनाम दून यूनिवर्सिटी के कुलपति के मुकदमे का हवाला देते हुए कहा कि इसी वजह से दून विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ नौटियाल को उच्च न्यायालय ने कुलपति के पद से हटाया। अल्मोड़ा के शोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति को भी इसी कारण उनके पद से हटना पड़ा, क्योंकि कुलपति के लिए प्रोफेसर का अनुभव 10 वर्ष होना ही चाहिए,जो अनिवार्य योग्यता है। उन्होंने अपने पत्र में नियम के तहत वर्तमान कुलपति का चयन तत्काल निरस्त करने का अनुरोध किया है।इसे लेकर विवि में काफी चर्चा हो रही है। चर्चा है कि नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और इस मामले में इसी माह सर्च कमेटी की बैठक होनी है। किस नाम पर विचार किया जा सकता है,यह तो कमेटी के फैसले के बाद ही पता चल पाएगा।जब इस मामले में पंत विवि के कुलपति से उनका पक्ष लेने के लिए फोन किया तो संपर्क नहीं हो सका।




